उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी एक दूसरे खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर रहीं हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा से बसपा नहीं बल्कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव खुलकर मिले हैं। उन्होंने 2017 में हुए शपथ ग्रहण समारोह में अखिलेश को आशीर्वाद भी दिलाया और अब अपने काम के लिए एक सदस्य को भाजपा में भेज दिया। यह जगजाहिर है।
1. यू.पी. में अम्बेडकरवादी लोग कभी भी सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव को माफ नहीं करेंगे, जिसने, अपनी सरकार में इनके नाम से बनी योजनाओं व संस्थानों आदि के नाम अधिकांश बदल दिये है। जो अति निन्दनीय व शर्मनाक भी है।
— Mayawati (@Mayawati) March 22, 2022
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि यूपी में अंबेडकरवादी लोग कभी भी सपा मुखिया अखिलेश यादव को माफ नहीं करेंगे जिसने अपनी सरकार में इनके नाम से बनी योजनाओं व संस्थानों के नाम बदल दिए। यह अति निंदनीय और शर्मनाक है
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि यूपी में अंबेडकरवादी लोग कभी भी सपा मुखिया अखिलेश यादव को माफ नहीं करेंगे जिसने अपनी सरकार में इनके नाम से बनी योजनाओं व संस्थानों के नाम बदल दिए। यह अति निंदनीय और शर्मनाक है
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि यूपी में अंबेडकरवादी लोग कभी भी सपा मुखिया अखिलेश यादव को माफ नहीं करेंगे जिसने अपनी सरकार में इनके नाम से बनी योजनाओं व संस्थानों के नाम बदल दिए। यह अति निंदनीय और शर्मनाक है