प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के क्षेत्र में तीन साल में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। योगी सरकार का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के क्षेत्र में निवेश और रोजगार में पांच साल के लक्ष्य को तीन साल में ही अर्जित किया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में ओप्पो, सैमसंग, डिक्सन, हीरानंदानी ग्रुप, इंफोसिस तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी बड़ी कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में निवेश की शुरुआत की है। ओप्पो के साथ मिलकर तीन भारतीय तथा ताइवान की चार कंपनियां मिलकर टेगना क्लस्टर की स्थापना करने जा रही है। इसमें करीब दो हजार करोड़ रूपये का निवेश आएगा। उप्र. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2017 के तहत तीस निवेशकों ने 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का हब बनाने के लिए योगी सरकार की नीति से चीन, ताइवान तथा कोरिया की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियां यूपी में इकाइयां स्थापित करने के लिए आगे आई हैं। एक प्रतिष्ठित ओवरसीज कंपनी अब ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ जमीन में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का निर्माण कर रही है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को देश में एक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब के रूप में स्थापित किया जा रहा है।