महिला पत्रकार के साथ पिंजौर पंचकूला हरियाणा में कुछ लोगों द्वारा जान से मारने की कोशिश की गई जिन लोगों के नाम अनीता पाल ,वीरभानपाल ,सुरेंद्र पाल ,ईशा पाल ,राज देवी ,आदि लोगों ने अकेली महिला पत्रकार पर हमला कर दिया महिला पत्रकार के 100 नंबर पर कॉल करने के बाद भी पुलिस 1 घंटे तक नहीं पहुंची उसी 1 घंटे में इन व्यक्तियों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया जिसमें महिला पत्रकार को बुरी तरीके से चोट चपेट का शिकार होना पड़ा महिला पत्रकार का कहना है की किसी आपसी मैटर में उन्होंने उनको बुलाया था ! और उसके बाद उनके साथ प्लान के तहत यह सब किया गया ! व उनको जान से मारने की कोशिश की गई महिला पत्रकार का कैमरा लैपटॉप माइक आईडी पैसे सोने का सामान आदि चीजें भी छीन ली गई ! वह तोड़ दी गई , महिला पत्रकार ने मारपीट की वीडियो रिकॉर्ड कर ली थी जिस मोबाइल को भी विपक्षी पार्टी द्वारा तोड़ दिया गया महिला पत्रकार के पास पुलिस व विपक्ष के खिलाफ सभी साक्ष्य मौजूद हैं ,

एक रिपोर्टर का माइक तोड़ना कैमरा तोड़नाव जनता की अपनी आवाज पहुंचाने का माध्यम ही तोड़ दिया गया ! जो अपने में ही गंभीर सवाल है, संविधान का भी उल्लंघन है, संविधान ने चौथा स्तंभ माना है और आज उसी चौथे स्तंभ को खत्म करने के लिए कुछ गलत लोग लगे हुए है इस तरीके से गुंडागर्दी पर उतारा लोग जिनके अंदर से आज कानून का डर खत्म हो गया है वहीं एक और पुलिस की बड़ी लापरवाही महिला पत्रकार को देर रात तक थाने में बिठा कर रखा एफ आई आर दर्ज नहीं की गई , तमाम तरीके से महिला को परेशान किया गया जसविंदर सब इंस्पेक्टर ने महिला के साथ दबाव बनाया व मेडिकल भी नहीं करवाया गलत शब्दों का प्रयोग किया इस तरीके से साफतौर से पता चलता है कि कानून का किस तरीके से मजाक बनाया जा रहा है हाल ही में हरियाणा के गृह मंत्री का स्वास्थ्य खराब होने के कारण हरियाणा की पुलिस व्यवस्था ठंडी पड़ चुकी है अधिकारी अफसरशाही चल रही है ,मनमर्जी चल रही है ,जनता को परेशान किया जा रहा है इस तरीके के पुलिस ऑफिसर की हरकत से पता लगता है कि मिली मिलीभगत से मामले को दबाया गया मेडिकल भी गृहमंत्री ऑफिस कॉल करने के बाद करवाया गया मेडिकल पूर्ण रूप से नहीं करवाया गया ,और ना ही एफ आई आर दर्ज की गई इस मामले में दोषी व पुलिसकर्मी जसविंदर सिंह इंस्पेक्टर बड़ी कार्यवाही के हकदार हैं गृहमंत्री के अस्वस्थ होने से हरियाणा की कानून व्यवस्था चरमराई!”