पुष्कर Cabinet के फैसले!खिलाड़ियों को क्षैतिज आरक्षण विधेयक विधानसभा में होगा पेश:CCL पर अहम फैसला:देहरादून बार को पुरानी जेल में 5 बीघा जमीन:कम दूरी पर भी कार्मिकों को मासिक वाहन भत्ता:House of Himalayas के लिए कंपनी के गठन को मंजूरी
CM पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल ने आज तमाम अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी.सचिवालय में हुई बैठक में तय हुआ कि खिलाड़ियों को क्षैतिज आरक्षण विधेयक विधानसभा में पेश होगा.देहरादून बार असोसिएशन को कचहरी के करीब पुरानी जेल में 5 बीघा जमीन वकीलों के चैंबर बनाने के लिए लीज पर 30 साल की अवधि तक दिए जाएंगे.House of Himalayas में सभी वस्तुओं की ब्रांडिंग समिति के बजे अब कंपनी करेगी.सभी फैसले ये रहे…
1- कार्मिकों को ड्यूटी के दौरान कम दूरी तक जाने पर भी वाहन भत्ता अनुमन्य.यात्रा भत्ता अनुमन्य नहीं था अभी तक.
2- वैयक्तिक सहायक संवर्ग में पदोन्नति की संख्या बढ़ाते हुए स्टाफिंग पैटर्न के अन्तर्गत ग्रेड वेतन 4800/- में वरिष्ठ वैयक्तिक अधिकारी का पद सृजित.
3- उत्तराखण्ड पशु चिकित्सा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2024 मंजूर.
4- विभिन्न विभागों में कार्यरत सहायक अभियन्ताओं को मोटरकार के लिए वाहन भत्ता (400 KM मासिक से अधिक होने पर) मंजूर.
5- मत्स्य विभाग में जलाशयों के ठेकेदारों से सम्बंधित “उत्तराखण्ड मत्स्य (संशोधन) नियमावली, 2024” में ठेका अवधि “5 वर्ष से 10 वर्ष” एवं “खुली ई-निविदा” को मंजूरी.
6- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को कार्यालय भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व की भूमि का निःशुल्क हस्तान्तरण। कार्यालय भवन निर्माण का व्यय भारत सरकार वहन करेगी.
7- कचहरी के करीब पुरानी जेल परिसर, देहरादून में स्थित न्याय विभाग के स्वामित्व की कुल 0.7401 हेक्टेयर भूमि में से 5 बीघा भूमि बार एसोसिएशन, देहरादून के अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण के लिए सालाना एक रूपये में 30 वर्षों के लिए लीज पर देने को मंजूरी।
8- उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 मंजूर. हरिद्वार में गंगा नदी के दांये तट पर हरिपुर कलां से चण्डी पुल तक एवं देहरादून के अन्तर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में ढालवाला ड्रेन से पशुलोक बैराज एवं पशुलोक बैराज से हरिपुर कला तक गंगा नदी के दांये तट पर (ऋषिकेश, खड़कमाफ, गौहरीमाफी, रायवाला एवं हरिपुर परगना-परवादून) तक की अन्तिम अधिसूचना निर्गत करने को मंजूरी.
9- भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के पुनर्गठित ढांचे में अतिरिक्त अवशेष पदों के सृजन को मंजूरी.
10- उत्तराखण्ड रिवर ड्रेजिंग नीति, 2021 में आंशिक संशोधन को हरी झंडी.रिवर ड्रेजिंग नीति, 2021 के कुछ प्राविधानों को संशोधित किया जा रहा है।
11- व्यवसाय संघ (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 को सदन के पटल से वापस लेने को मंजूरी.
12- महिला सरकारी सेवकों / एकल अभिभावक (महिला एवं पुरूष) सरकारी सेवकों को बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave) 1 जून, 2023 में आंशिक संशोधन को मंजूरी.
पूर्व के मुताबिक राज्य सरकार की महिला सरकारी सेवकों / एकल अभिभावक (महिला एवं पुरूष) सरकारी सेवकों को सन्तान की बीमारी अथवा उसके 18 वर्ष की उम्र तक परीक्षा में सम्पूर्ण सेवाकाल में अधिकतम दो वर्ष (730 दिन) का बाल्य देखभाल अवकाश शर्त / प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य था.
इसमें ये था कि CCL के दौरान पहले 365 दिनों में 100 प्रतिशत तथा अगले 365 दिनों में 80 प्रतिशत वेतन ही दिया जाएगा। जिन महिला सरकारी सेवकों ने पूर्व में ही CCL लिया हुआ है, उनके बचे अवकाश पर भी नए नियम लागू होंगे.
अब ये पास हुआ.”राज्य सरकार की महिला सरकारी सेवकों / एकल अभिभावक (महिला एवं पुरुष) सरकारी सेवकों को बाल्य देखभाल अवकाश की अवधि के दौरान अवकाश पर प्रस्थान से पूर्व प्राप्त हो रहे /आहरित वेतन के समतुल्य ही ‘अवकाश वेतन देय होगा।”
13- उत्तराखण्ड के प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कुशल खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 फ़ीसदी क्षैतिज आरक्षण सम्बन्धी विधेयक विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
14- उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के अधीन सहासिक पर्यटन विंग के कार्मिकों के ढांचे में सृजित विषय-विशेषज्ञ (जल, थल एवं वायु कीड़ा) के नियत वेतन (संविदा) के पदों के लिए निर्धारित अर्हताओं में संशोधन का निर्णय।
15- वाईब्रेन्ट विलेज योजानान्तर्गत सीमान्त गांव जादुंग उत्तरकाशी के पर्यटन विकास के लिए होम स्टे कलस्टर के रूप में विकसित करने की खातिर योजना प्रख्यापित करने का निर्णय। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या एवं गांव के मूल निवासियों को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
16- लखवाड-व्यासी जल विद्युत परियोजना के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए पूर्व में निर्गत शासनादेश सं० 66 दिनांक 13.01.2016 के प्रस्तर-8 (ब) के अन्तर्गत अल्प तकनीकी लघु कार्य परियोजना प्रभावितों को प्रभावित क्षेत्र की सहकारी समिति के माध्यम से कराने की वित्तीय सीमा 5 लाख से बढ़ा के 10 लाख करने को मंजूरी.परियोजना 300 मेगावॉट की है.
17- बाल देखरेख के क्षेत्र में SOS Children Village, भीमताल, नैनीताल संस्था की तरह गढ़वाल क्षेत्र में भी बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए ऐसी संस्था को पहले 5 वर्षों तक राज्य सरकार से अंशदान देने को मंजूरी.
18- वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में कोविड-19 के दौरान के अवशेष 23.0993 करोड़ रूपये वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य आपदा मोचन निधि मद से अवमुक्त करने का फैसला.
19- 2 से अधिक जीवित संतान वाले व्यक्तियों के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों की सदस्यता के लिए अनर्हता सम्बन्धी उपबन्ध को मंजूरी.
20- पुलिस विभाग में समस्त संवर्ग के आरक्षियों (कान्स्टेबल) की सेवा नियमावली में एकरूपता लाने के लिए आरक्षी, चालक की वरिष्ठता अपने मूल संवर्ग में मौलिक नियुक्ति की तिथि से निर्धारित करने एवं परिवहन शाखा में पूर्व में अपने मूल संवर्ग से स्थानान्तरित हो कर नियुक्त आरक्षी चालकों को एक बार अपवाद स्वरूप अपने मूल संवर्ग में वापस जाने पर पदोन्नति के अवसर प्राप्त होने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पुलिस मोटर परिवहन शाखा अधीनस्थ सेवा (संशोधन) नियमावली, 2024 मंजूर.
21- पेराई सत्र 2023-24 के लिए गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर को मंजूरी.निर्धारित गन्ना मूल्य में रू० 20 प्रति कुन्तल की वृद्धि करते हुए गन्ने की अगेती प्रजाति के लिए रू०375.00 प्रति कुन्तल (मिल गेट पर) तथा सामान्य प्रजाति के लिए रू० 365.00 प्रति कुन्तल (मिल गेट पर) निर्धारित करने,पिछले पेराई सत्र सत्र 2022-23 की भांति पेराई सत्र 2023-24 में भी गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर रू० 5.50 प्रति कुन्तल निर्धारित करने-इसके फलस्वरूप गन्ना विकास समिति के कार्मिकों के वेतन के भुगतान के लिए रु० 136.48 लाख (रू० एक करोड़ छत्तीस लाख अड़तालीस हजार मात्र) की आर्थिक सहायता देने का फैसला.
22- राज्य स्थानीय निकों में पिछड़ेपन सम्बंधित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग का कार्यकाल 1 वर्ष बढ़ाने पर मुहर.
23-House of Himalayas से संबंधित समस्त कार्यों के अनुश्रवण, उत्पादों की गुणवत्ता देखने एवं विक्रय-विपणन के लिए ‘कम्पनी’ के गठन को मंजूरी.राज्य में प्रचलित सभी ब्रान्ड के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने, मानकीकृत पैकेजिंग सुनिश्चित करने और ब्रान्डिंग एवं विपणन करने का कार्य करने के लिए शीर्ष संस्था एवं अम्ब्रेला ब्रान्ड के गठन का निर्णय भी लिया गया। इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 दिसम्बर, 2023 को Investor Summit के दौरान House of Himalayas’ के नाम से देहरादून में लोकार्पित किया था.पहले इसे समिति से कराने का फैसला किया गया था.अब कम्पनी करेगी.इसका कार्य उत्तराखण्ड के ब्रांड के रूप में House of Himalayas को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना होगा.