CM पुष्कर सिंह धामी ने मायानगरी मुंबई के `कौथिग Season-15’ उत्सव में उमड़े हजारों के हुजूम के सामने आज ऐलान किया कि 23 साल बाद भी बेशक उत्तराखंड को अभी सर्वांगीण विकास करना है लेकिन PM नरेंद्र मोदी की देवभूमि को सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शुमार होते देखने की इच्छा को अवश्य पूरा किया जाएगा.इस दिशा में उनकी सरकार डट के जुटी हुई है.उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों से साल में कम से कम एक बार अवश्य अपनी मिट्टी का रुख करने का आग्रह किया.

मुख्यमंत्री ने कौथिग के लिए आयोजक देवभूमि स्पोर्ट्स फाउंडेशन की पूरी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड दौरे पर आते हैं तो इस बात का विशेष रूप से जिक्र करते हैं कि 21 वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये के MoU हुए और लगभग 46 हजार करोड़ की ग्राउंडिंग भी हो चुकी है। उन्होंने ख़ुशी जताई कि कौथिग में पहाड़ों के लोक गीत, लोक नृत्य और संस्कृति दर्शकों को देखने के लिए मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का कौथिग उत्तराखंड के पर्यटन, विकास और स्वरोजगार को समर्पित होने से पर्यटकों को उत्तराखंड की सुंदरता की जानकारी मिलेगी. उन्होंने कहा कि मुंबई के सागर की लहरें और उत्तराखंड के पहाड़, हमें कुछ न कुछ सीखने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने 60-70 साल पहले जब महाराष्ट्र का रुख किया था तब वे छोटे कामों तक सीमित थे, परन्तु आज वक्त बदल गया है। आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां उत्तराखंड के लोग न मिलते हों।
मुख्यमंत्री पुष्कर ने कहा कि कौथिग के इस मंच पर आज उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में खड़ा हूं तो ये इस बात का द्योतक है कि हम तरक्की कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासियों से आह्वान किया कि आप अपनी बोली-भाषा, संस्कृति और संस्कारों को न भूलें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति में मधुरता-विनम्रता-अपनापन है.हमारे खान-पान, रहन-सहन, बोल-चाल में एक भावनात्मक लगाव है। हमारी मंडुवे की रोटी, झिंगोरे की खीर, पहाड़ी ककड़ी का रायता, आलू के गुटके, भट्ट का चुड़कानी, मूली की थीचयौणी, कंडाली के साग के स्वाद को कौन भूल सकता है।
उन्होंने आग्रह किया कि जो उत्तराखंड के ही हैं, वे अवश्य वर्ष में एक बार परिवार सहित अपनी मातृभूमि आने का प्रयास करें। खुद को, अपने बच्चों को अपने गांव से, अपने मूल निवास, अपने ग्राम देवता, अपने कुल देवी – देवता से जोड़े रखिये।
उन्होंने उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोकने के कानून का भी जिक्र ख़ास तौर पर किया.मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में अब हम जल्द समान नागरिक आचार संहिता (UCC) को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी बातों पर महिलाओं ने भी खूब जोश दिखाते हुए कई बार दोनों हाथ खड़े हो के उत्तराखंड से आए सरयू के लाल-गंगा पुत्र CM का खुला समर्थन किया.
उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के इन 23 वर्षों में हमने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, परन्तु राज्य के संर्वागीण विकास का लक्ष्य अभी भी दूर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सबको मिलकर कार्य करना है। इस अवसर पर देवभूमि स्पोर्ट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश राणा, मुख्य आयोजक भरत कुकरेती, धारचूला के विधायक हरीश धामी भी उपस्थित रहे।