विभाग ने पहले चयन पर शिक्षकों को वेतन वृद्धि दी और अब वसूली का फरमान जारी कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि नियमानुसार विभाग को अपने पहले रुख पर कायम रहना चाहिए और तत्काल वसूली के आदेश पर रोक लगानी चाहिए। यह विमर्श विद्यालयी शिक्षा के शिक्षकों की ओर से आयोजित चिंता शिविर में समस्याओं पर चर्चा के दौरान किया गया।
राजकीय शिक्षक संघ एससीईआरटी शाखा के अध्यक्ष डॉ. अंकित जोशी की अध्यक्षता में आयोजित चिंता शिविर में वक्ताओं ने कहा कि ऐसा ही कुछ शिक्षकों के साथ यात्रा अवकाश के मामले में भी हुआ है। उच्च शिक्षा में तो यात्रा अवकाश आज भी दिया जा रहा है, जबकि विद्यालयी शिक्षा में समाप्त कर दिया गया है।
एससीईआरटी और डायट के लिए शिक्षा संवर्ग का गठन केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप होना चाहिए, जिससे गुणवत्ता सर्वेक्षण के लिए जवाबदेह इन संस्थानों की स्वयं की गुणवत्ता बढ़े। हरियाणा की स्थानांतरण नीति के स्थान पर स्थानांतरण अधिनियम में ही संशोधन करते हुए पिछले कोटिकरण को व्यावहारिक बनाना चाहिए।