ऋषिकेश में परिवार के पांच लोगों की हत्या करने वाला महेश कुमार बेरोजगार था। विदेश मेें नौकरी करने वाला बड़ा भाई उमेश उसका घर खर्च उठाता था। शुरूआत में महेश बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी को लेकर चिंतित रहता था। लेकिन बाद में उसने अचानक बाहरी दुनिया से स्वयं को अलग कर दिया। वह घर में बैठकर दिनभर पूजा पाठ करता रहता था।
रानीपोखरी नागाघेर में आरोपी महेश कुमार के भाई उमेश कुमार का मकान है। उमेश कुमार ऋषिकेश में रहते हैं। महेश वर्ष 2015 में नागाघेर स्थित भाई के घर परिवार के साथ रहने आया। उमेश ही उसे 15 हजार रुपये महीना घर के खर्च के लिए भेजता है।
पड़ोसियों ने बताया कि महेश एक सीधा सरल व्यक्ति था, पहले उसका मिलना जुलना आसपास के लोगों के साथ था। वह चारों बेटियों की पढ़ाई और विवाह को लेकर अक्सर परेशान रहता था। पड़ोसी सुबोध जायसवाल ने बताया कि लेकिन बीते कुछ महेश ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया।
वह दिनभर घर में पूजा पाठ करता, केवल बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए बाहर निकलता। जब भी कोई घर में उससे मिलने आता तो पत्नी कहती वह पूजा कर रहे हैं। सुबोध ने बताया कि वह पूरी तरह से पूजा, ध्यान आदि अध्यात्मिक कार्यों में रम गया था। लेकिन फिर उसने अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया इससे आसपास के सभी लोग हैरान हैं।