एक बार BJP अगली बार Congress सरकार वाली परंपरा पर आँख मूँद भरोसा कर इस बार खुद ही पर्दे के पीछे से सियासत का हिस्सा बन गए अनेक IAS और IPS अफसर फिलहाल जबर्दस्त Tension में हैं। वे इस बार काँग्रेस सरकार आने की खुशफहमी पाले हुए थे। अंदरखाने की रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके चलते वे खुला खेल फर्रूखाबादी करने से भी नहीं चूके। विधानसभा चुनाव के नतीजों से उनकी उम्मीदों का बुरी तरह नाश हो गया। उनके सिर घड़ों पानी पड़ चुका है। वे अब इस बात को ले के बेचैन हैं कि उनकी हरकतों से गुस्साए CM पुष्कर सिंह धामी आखिर उनके साथ किस किस्म का बर्ताव करने वाले हैं। मंत्रियों को महकमे बांटने के बाद नौकरशाही में नीचे से ले के आला अफसरों तक बदलाव की आहट सुनी जा रही है।
बतौर CM अपनी पहली पारी में पुष्कर ने बहुत ही उदार और नरम रुख का प्रदर्शन कर अवाम का दिल जीतने में सफलता पाई। चुनाव के अभूतपूर्व और ऐतिहासिक नतीजों ने देश भर में उनकी वाहवाही खुद के खटीमा से हार जाने के बाद भी खूब करवाई। मोदी-शाह की जोड़ी ने यूं ही उनके माथे फिर CM का सेहरा नहीं सजाया। नौकरशाही पर भी उन्होंने यकीन किया। नौकरशाही ने लेकिन उनकी काबिलियत पर शायद यकीन नहीं किया। वे दूसरे घोंसलों की तरफ दाना-पानी की तलाश में उड़ चले। घरौंदे बना लिए।