उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे? कई दिनों से चल रहे इस सस्पेंस को आज खत्म करते हुए PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सजी BJP हाई कमान ने आखिर फिर मौजूदा कार्यवाहक CM पुष्कर सिंह धामी को विधानसभा चुनाव में पार्टी को अभूतपूर्व-ऐतिहासिक विजय दिलाने की एवज में फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी और सल्तनत सौंप दी। 22 साल की उम्र वाले सबसे नए हिमालयी राज्य में ये पहली बार हुआ कि किसी दल ने सत्ता में रहते हुए विधानसभा चुनाव जीता और किसी मुख्यमंत्री को लगातार दो बार कार्यकाल सौंपा गया।
उत्तराखंड के 12वें सीएम पुष्कर का नाम शुरू से ही सबसे आगे था। इसकी वजह उनके नाम पर ही चुनाव लड़े जाना और खुद मोदी-शाह-पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का भी वोट मांगना था। वह भले खटीमा का चुनाव हार गए लेकिन इसकी दो वजह मानी गई। एक-पार्टी के लोगों ने ही उनके साथ धोखा-दगाबाजी की। दो-राज्य की अन्य सीटों पर भरपूर ध्यान देने और उनको जीतने के लिए जी जान लगाने के कारण अपनी सीट के लिए वक्त निकाल नहीं पाए थे। मोदी-शाह-नड्डा इस हकीकत से नावाकिफ नहीं थे।
अपना नाम फाइनल हो जाने की जानकारी होने के बावजूद बेहद परिपक्वता प्रदर्शित करते हुए पुष्कर ने लगातार मुख्यमंत्री के मामले में चुप्पी साधे रखी। आज विधायक दल की बैठक पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में शाम को हुई तो उनके नाम पर किसी ने कोई ऐतराज नहीं किया। केंद्र से आए पर्यवेक्षकों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी की सरपरस्ती में पुष्कर को फिर मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ तो छोटा सा हाल पुष्कर सिंह धामी जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
पुष्कर ने अपने छोटे से कार्यकाल (तकरीबन 6 महीने) में जबर्दस्त प्रदर्शन से सिर्फ हाई कमान का दिल नहीं जीता। पार्टी के अनेक विधायक उनके मुख्यमंत्री बनने पर अपनी कुर्सी छोड़ने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। तमाम मंत्री और सांसद (डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक-त्रिवेन्द्र सिंह रावत), केन्द्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट भी पुष्कर को फिर मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में सामने आ चुके थे।