साल 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में लैंसडौन-चौबट्टाखाल-सल्ट-घनसाली में बहुत कम (50 फीसदी से कम) मतदान हुआ। हरिद्वार की कई सीटों पर वोटों की बारिश (80 फीसदी से अधिक) सी हुई। CM पुष्कर सिंह धामी की सीट खटीमा में काँग्रेस के दिग्गज हरीश रावत की सीट लाल कुआं से अधिक मतदान हुआ। ताज्जुब है कि राजधानी की शहरी इलाकों की सीटों पर वोटरों ने अपने मताधिकार के प्रति बेरुखी दिखाई। खास तौर पर पॉश इलाकों में रहने वाले रईस और अधिक पढ़े-लिखे लोग माने जाने वालों ने। मसूरी-राजपुर रोड-धर्मपुर-कैंट और रायपुर में मतदान देहरादून की ही तमाम बाहरी क्षेत्रों की सीटों के मुक़ाबले बहुत कम रहा। ये रिपोर्ट और आंकड़े Pvt संस्था Social Development for Communities FOUNDATION के हैं।
हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है कि क्या 2-3 दिन बाद आने वाले चुनाव आयोग के आंकड़े बिल्कुल ऐसे ही होंगे या आसपास रहेंगे? इस संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों ने मतदान के प्रति काफी हद तक बेहतर रुझान अधिकांश सीटों पर दिखाया। ये संभव है कि उसकी और चुनाव आयोग की रिपोर्ट में अंतर रहेगा। इसके बावजूद संस्था की रिपोर्ट पर कुछ हद तक यकीन किया जाए तो तस्वीर दोनों दलों के लिए उलझी नजर आती है। इससे ये साफ नहीं होता है कि अगर रिपोर्ट वाकई सच्चाई के आसपास है तो फिर कहीं अधिक वोट पड़ने और कहीं बहुत कम वोट पड़ने के क्या माने हैं। हालांकि अंतिम रिपोर्ट चुनाव आयोग की ही मानी जाती है। संस्था ने अपनी कोशिश की है। भले इसकी तथ्यात्मक पुष्टि नहीं की जा सकती है।