विजय हज़ारे ट्रॉफी के दौरान टीम के सदस्य आर्य सेठी संग मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में बुलाई गई बैठक में सचिव माहिम वर्मा नहीं आए। बैठक में Cricket Association of Uttarakhand के उपाध्यक्ष संजय रावत और संयुक्त सचिव अवनीश वर्मा ने अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला से तत्काल जांच की मांग की। दोनों उस वक्त बुरी तरह गरम हो के उखड़ गए जब अध्यक्ष ने जांच को फिलहाल टालने और मसूरी में उत्तराखंड आंदोलनकारी हंसा धनाई की याद में क्रिकेट टूर्नामेंट कराने की जरूरत प्रकट की।
सूत्रों के अनुसार बैठक में CEO मोहित डोभाल पर भी संजय-अवनीश ने खूब हमला बोला। दोनों ने कहा कि CEO वह होना चाहिए, जिसके पास प्रशासनिक अनुभव बहुत अच्छा हो। जो मौजूदा CEO के पास नहीं है। उनको वैसे भी आपातकालीन हालत में 3 महीने के लिए लाया गया था। अब साल होने वाला है,लेकिन वह बिना किसी विधिवत आदेश के ऐसी कुर्सी पर बैठे हैं, जिसके लिए वह लायक नहीं है।
बैठक में बहुत कम लोग आए। हालांकि ये साफ नहीं हो पाया कि ये बैठक एपेक्स की थी या फिर कार्यकारिणी की। संजय-अवनीश ने आर्य के साथ हुई मारपीट और UP के माफिया डॉन बृजेश सिंह के गुर्गों के जरिये उसको गोली से उड़ा देने की धमकी संबंधी आरोपों को बेहद गंभीर करार देते हुए इस पर तत्काल जांच बिठाने की मांग अध्यक्ष से की थी। संजय ने बैठक में कहा कि उत्तराखंड के लिए ये मामला बहुत शर्मनाक है। पहले ही भ्रष्टाचार के आरोपों और चयन को ले के राज्य बहुत बदनाम हो चुका है। अब पेशेवर डॉन और कत्ल की धमकी भी इसमें जुड़ जाना, उत्तराखंड की क्रिकेट के लिए भी हानिकारक है।
