तपोवन परियोजना की सुरंग में फंसे 35 लोगों को बाहर निकालने के लिए शनिवार को हैवी ड्रिल मशीन से सुरंग के अंदर ड्रिल का कार्य शुरू हो गया है। जबकि अभी तक सुरंग में लगभग 135 मीटर तक मलबा हटा दिया गया है। शनिवार को मलबे से एक भी शव बरामद नहीं हुआ है।
अभी भी 166 लोग लापता और 38 शव बरामद हुए हैं। सुरंग से मलबा बाहर लाने के लिए दो डंपर लगाए गए हैं। जिससे अब मलबा हटाने के कार्य में तेजी आ गई है। शुक्रवार रात को 70 डंपरों में भरकर मलबा हटाया गया। वहीं, सुरंग में ड्रिल के जरिए खोज-बचाव कार्य भी जारी है।
शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे बाद छोटी ड्रिल मशीन से सुरंग के अंदर एसएफटी (सील्ड फ्लसिंग टनल ) तक कैमरा और ड्रोन भेजने के लिए ड्रिल कार्य शुरू हुआ। लेकिन मात्र एक घंटे कार्य करने के बाद ड्रिल मशीन का मेकेनिकल पाइप फट गया, जिससे करीब आधा घंटे तक ड्रिल का कार्य बाधित रहा। इस दौरान सुरंग से मलबा हटाने का कार्य किया गया। शाम चार बजे मौके पर नई हैवी ड्रिल मशीन पहुंची। 5 बजकर 15 मिनट से ड्रिलिंग शुरू हुई। अब सुरंग में ड्रिल के कार्य में तेजी आ गई है।
ड्रिल का कार्य खबर लिखे जाने तक चलता रहा। वहीं, बैराज तक पहुंचने के लिए सुरंग से एप्रोच रोड बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। रैणी गांव में मलारी हाईवे पर बैली ब्रिज निर्माण कार्य भी जारी रहा। यहां 4 एक्सावेटर और 1 डोजर मशीन मलबे में शवों की तलाश में जुटी है।