आज गुरुवार को मकर संक्रांति पर्व है। वर्ष के पहले स्नान पर्व पर सूर्यनारायण उत्तरायण हो जाएंगे। उत्तरायणी के दिन ही शिशिर ऋतु भी प्रारंभ हो रही है। इसी के साथ गुड़, तिल और खिचड़ी भोजों एवं दान का सिलसिला शुरू होगा। लेकिन ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक कुछ राशियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक मकर संक्रांति सूर्य का वह संक्रमण काल है, जिसमें सूर्य अपने पुत्र शनि की राशि मकर में आकर सभी दोषों का नाश कर देता है। राहु, केतु के दोष को शनि, शनि दोष को शुक्र, शुक्र के दोष को चंद्र, चंद्र के दोष को गुरु और सभी दोषों को उत्तरायण का सूर्य समाप्त कर देता है।