पंजाब: पंजाब में शराब के कारोबार को सोने की खान समझा जाता है, इसलिए इतिहास गवाह है कि शराब के कारोबार में मंत्रियों से लेकर अफसर अपनी बेनामी हिस्सेदारी रखते हैं। वैध शराब की आड़ में ही पंजाब में अवैध का कारोबार चलाया जाता है। एक जिले में ठेकेदार शराब को प्रदेश के अन्य हिस्सों में बेचने का जहां गोरखधंधा चल रहा है वहीं पंजाब में शराब की फैक्टरियां भी खुलेआम नेताओं के संरक्षण में चलने लगी हैं।

पंजाब में शराब के कारोबार में विधायक, मंत्री और अकाली दल के पूर्व शक्तिशाली मंत्री का नाम इन दिनों चर्चा में है, जिन्होंने अपने कारिंदों के नाम पर शराब के ठेके ले रखे हैं और इनकी आड़ में ही पंजाब में शराब कोने कोने में पहुंचाई जा रही है। पंजाब के मौजूदा मंत्री और पूर्व मंत्री की दोस्ती सत्ता के गलियारों में भी है। अधिकारी भी इनके कामधंधे में ज्यादा दखलंदाजी करने से गुरेज करते हैं।
कांग्रेसी नेता की शराब के लेबल मिले थे खन्ना में…
पंजाब पुलिस के साथ एक्साइज विभाग ने खन्ना के गांव बाहोमाजरा में अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ किया तो पता चला कि फैक्टरी में पंजाब में निर्मित व चर्चित के साथ ही उत्तर प्रदेश में प्रचलित देसी शराब के दो ब्रांड तैयार किए जा रहे थे। इसकी सप्लाई पंजाब में की जा रही थी। ये अवैध फैक्टरी प्रतिदिन दो हजार से अधिक पेटी शराब तैयार करके बेच रही थी।

खास बात ये भी है कि ये अवैध फैक्टरी पंजाब में ही एक कांग्रेस के नेता की शराब फैक्टरी का होलोग्राम लगाकर शराब बेच रही थी। भुल्लथ से विधायक सुखपाल खैरा ने तो खुलेआम राणा गुरजीत सिंह पर आरोप लगाया कि खन्ना में गिरफ्तार कुलविंदर किदो पर राणा की शह है। दोनों सांझेदारी में खन्ना में डिस्टलरी चला रहे थे। खैरा ने किदो की राणा गुरजीत के साथ फोटो भी जारी की थी।
पंजाब के नेताओं की शराब बिहार में सप्लाई…
पंजाब में निर्मित शराब को नेताओं की मदद से अन्य प्रदेशों में तस्करी कर भिजवाया जा रहा है। पिछले दिनों पकड़ा गया एक बड़ा नेटवर्क इसी तस्करी का हिस्सा था, जिसको नेताओं ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर दबा दिया। कोतवाली बडौत यूपी की पुलिस ने इसी साल जनवरी में ट्रकों में भरकर पंजाब से लाई जा रही एक करोड़ की कीमत की शराब की खेप को जब्त किया था। पकड़े गए ट्रकों में 1263 पेटी पंजाब ब्रांड अवैध अंग्रेजी शराब बिहार ले जाई जा रही थी। यूपी की पुलिस के हाथ नेताओं के गिरेबान तक पहुंचते, तक तक मामले को दबा दिया गया और कारिंदों पर ही केस दर्ज कर मामला रफा दफा कर दिया गया।
राजपुरा नकली शराब फैक्टरी में कांग्रेसी विधायकों के नाम उछले…
पंजाब पुलिस ने मई में राजपुरा से नकली शराब की फैक्टरी पकड़ी थी। वहां से शराब बनाने वाला सामान बरामद किया गया था। पुलिस ने मौके से अमित नाम के कारिंदे को हिरासत में लेकर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी दीपेश कुमार को गिरफ्तार किया था और कांग्रेसी सरपंच अमरीक सिंह पर भी मामला दर्ज किया था। अमरीक सिंह घनौर से कांग्रेसी विधायक मदन लाल जलालपुर का नजदीकी है। वहां आसपास चार छोटी शराब फैक्टरियों का खुलासा हुआ, जिनके तारअप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेसी नेताओं से जुड़ रहे थे।
अकाली विधायक के खासमखास की गिरफ्तारी से कई खुले राज
हाल ही में नवांशहर पुलिस ने 386 पेटी शराब बरामद कर जिस आरोपी को गिरफ्तार किया, वहां से राणा शुगर की एक बिल्टी मिली थी। यह बिल्टी फर्जी निकली। आंसल प्लाजा ठेके से ही फर्जी बिल्टी के जरिए शराब भेजी जा रही थी, जिससे सरकार का टैक्स का मोटा चूना लगाया जा रहा था आरोपी कश्मीरी लाल अकाली विधायक का दाहिना हाथ है और अकाली विधायक ने पूरा जोर लगाया। कश्मीरी लाल और जतिंदर पाल सिंह दोनों बड़े स्तर पर शराब की तस्करी कर रहे थे। यह दोनों राणा शुगर की फर्जी बिल्टी बनाकर दोआबा में शराब भेज देते थे, जिससे टैक्स का चूना लग रहा था।