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सरकार का ध्यान बुनियादी सुधारों पर, ….

नई दिल्ली: कोरोनो वायरस लॉकडाउन के बीच वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक पैकेज (Economic package) की चौथी किस्त की घोषणा कर रही हैं. वित्त मंत्री ने कहा – आज हम भारतीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान देंगे. पीएम ने आत्मनिर्भर भारत की बात की है और बिजनेस आसान करने के लिए कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक चुनौतियों का सामना करना होगा और मुकाबले के लिए तैयार रहना होगा. कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और सरकार ने नीतिगत सुधार शुरू किए हैं, ताकि भारत को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए निवेश को फास्टट्रैक किया जा सके. प्रेस कांफ्रेंस में शामिल हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश में सुधार के लिए रिफॉर्म की बात करते रहे हैं. इसी को लेकर हम आज देश में सकारात्मक माहौल बना है. सरकार का ध्यान बुनियादी सुधारों की तरफ है. ताकि कारोबार करना देश में आसान हो सके. हमारा फोकस 8 क्षेत्रों में होगा, जिसमें कोयला, खनिज और एयरपोर्ट शामिल है. इसरो से लेकर बिजली वितरण तक को लेकर कदम उठाए जाएंगे.

– कोयला खनन में सरकार का एकाधिकार खत्म किया जा रहा है, वाणिज्यिक खनन की अनुमति दी जा रही है…

– रक्षा क्षेत्र पर भी सरकार का फोकस…

– सरकार का ध्यान बुनियादी सुधारों पर, कारोबार को आसान करना लक्ष्य है.

– आठ क्षेत्रों में सरकार का फोकस है, जिनमें कोयला, खनिज, एयरपोर्ट पर काम जारी है…

– ISRO और बिजली वितरण को लेकर नए कदम उठाए जाएंगे…

– हमने औद्योगिक बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करना का फैसला किया है… 2020-21 में सभी इंडस्ट्रियल पार्कों को रैंक किया जाएगा….

– आत्मनिर्भरता से मजबूत होगा भारत, देश की आर्थिक तरक्की के आत्मनिर्भर बनना अहम होगा.

– ज्यादा उत्पाद और रोजगार की योजना, व्यापार बढ़ाने के लिए ढांचागत सुधार किया जाएगा

– उत्पादों की विश्वसनीय बनाना जरूरी, भारत में निवेश का इस वक्त अच्छा माहौल है.

– सरकार ने नीतिगत सुधार शुरू किए हैं, ताकि भारत को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए निवेश को फास्टट्रैक किया जा सके…

– कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत

– वैश्विक चुनौतियों का सामना करना होगा और मुकाबले के लिए तैयार रहना होगा

– पीएम ने आत्मनिर्भर भारत की बात की, बिजनेस आसान करने के लिए कदम उठाए

– पैकेज से जुड़े ज्यादातर ऐलान हो चुके

– वित्त मंत्री ने कहा – आज हम भारतीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान देंगे

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा था कि पैकेज की तीसरी किस्त में कृषि व इससे संबद्ध क्षेत्रों को राहत देने पर ध्यान दिया गया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पैकेज की तीसरी किस्त में कृषि व इससे संबद्ध क्षेत्रों में बुनियादी संरचना तथा क्षमता निर्माण पर ध्यान दिया जायेगा. पिछले दो महीनों में किसानों की मदद करने के लिये कई उपाय किये गये हैं. इनमें लॉकडाउन के दो महीनों के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 74,300 करोड़ रुपये की खरीद भी शामिल है.

इसके साथ ही, पीएम किसान योजना के तहत 18,700 करोड़ रुपये की नकदी लाभार्थी किसानों को दी गई, वहीं फसल बीमा योजना के तहत 6,400 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया. सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान सहकारी समितियों द्वारा प्रतिदिन 360 लाख लीटर दूध की बिक्री के साथ 560 लाख लीटर प्रति दिन दूध की खरीद की गयी.

उन्होंने कहा कि कुल 111 करोड़ लीटर की अतिरिक्त खरीद की गयी, जिसके लिये 4,100 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया गया. इसके लिये डेयरी सहकारी समितियों को दो प्रतिशत ब्याज सहायता काी योजना क्रियान्वयन में लाई गई. उन्होंने कहा कि ब्याज सहायता से दो करोड़ किसान लाभान्वित होंगे और इससे बाजार में 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी पहुंचेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सप्ताह के शुरू में कोरोनो वायरस लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत) के पैकेज की घोषणा की थी. इसमें मार्च में घोषित तीन महीनों के लिये गरीबों को खाद्यान्न और नकदी सहित 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा विभिन्न मौद्रिक नीति उपायों के माध्यम से 5.6 लाख करोड़ रुपये का दिया गया प्रोत्साहन भी शामिल है.

सरकार इस पैकेज के तहत अब तक दो किस्तों में 9.1 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा कर चुकी है. इन घोषणाओं में लघु एवं छोटी इकाइयों के लिये ऋण सुविधायें, किसानों को रियायती ऋण, एनबीएफसी और बिजली वितरकों को समर्थन आदि शामिल हैं. सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये 25 मार्च से देश भर में लॉकडाउन लागू किया है। लॉकडाउन की अवधि दो बार बढ़ाई जा चुकी है.

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