lucky jet online1win aviatorpin-up casinoparimatch4r betaviatormosbetlacky jetpin up 777pin up azerbaycanaviator mostbetpinap1win aviatormostbet казинопинапмостбет кзpin up casino gamelucyjet1win4r bet4rabet pakistanlucky jet crash1win slot1 win indiamostbet indiamostbet casino1 winmosbet4rabet login1 winparimatchpin up indiapin-up1win apostas1 вин авиатор1 winmostbetmosbetmostbet azmostbet casino1win yükləpinup1win login1 winmostbetlucky jet onlinemosbet kzmostbet kzmostbetpinup kz1wın

रात 3:30 बजे आई थी मौत…

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के औरैया में आज तड़के साढ़े तीन बजे ट्रकों की भिड़ंत में 24 मजदूरों की मौत हो गई है और 40 के आसपास लोग घायल हो गए हैं. इस पूरे एक्सीडेंट को लेकर जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक दिल्ली से आया एक ट्रक ढाबे पर खड़ा था. उसमें कुछ मजदूर चाय पीने के लिए नीचे उतर गए थे और कुछ बैठे थे. ये सभी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे. इसी बीच फरीदाबाद से आ रहा एक दूसरा ट्रक जिसमें 80 मजदूर थे, पीछे से दिल्ली वाले ट्रक पर टक्कर मारकर पलट गया. फरीदाबाद वाले ट्रक में बोरियां लदी थीं और इसमें झारखंड, बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर बैठे थे. इन्हीं बोरियों के नीचे कई मजदूर दब गए और जब तक इनको निकाला जाता इनमें से कइयों की जान चली गई. औरैया में हुए इस भीषण सड़क हादसे पर पीएम मोदी ने कहा, ‘सड़क दुर्घटना बेहद ही दुखद है. सरकार राहत कार्य में तत्परता से जुटी है. इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं’.

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सड़क दुर्घटना में प्रवासी मजदूरों की मौत को ‘हादसा नहीं हत्या’ बताया है. यादव ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ‘उप्र के औरैया में सड़क हादसे में 24 से भी अधिक ग़रीब प्रवासी मज़दूरों की मौत पर अवर्णनीय दुख. घायलों के लिए दुआएं. सब कुछ जानकर… सब कुछ देखकर भी… मौन धारण करने वाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं., ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि क्या सरकार का काम सिर्फ बयानबाजी करना रह गया है. पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘औरैया की हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आख़िर सरकार क्या सोचकर इन मजदूरों के घर जाने की समुचित व्यवस्था नहीं कर रही है? प्रदेश के अंदर मजदूरों को ले जाने के लिए बसें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं?’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *