नई दिल्ली: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने एक अहम फैसला करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से लेकर दिल्ली सरकार की होने वाली सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपोर्टर और कैमरामैन को नहीं बुलाने का फैसला किया है. दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि जब तक कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है, तब तक खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस की बजाय डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. इसके तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ,मंत्री सत्येन्द्र जैन, मंत्री गोपाल राय जैसे सभी लोगों के फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बात रखेंगे. यही नहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के फेसबुक ट्विटर और यूट्यूब प्लेटफॉर्म के जरिए भी डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइव दिखाई जाएगी.
अब सवाल उठता है कि अगर खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं होगी, तो मीडियाकर्मी अपने सवाल सरकार से किस तरह से पूछ पाएंगे. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार यह व्यवस्था बना रही है कि दिल्ली सरकार कवर करने वाले रिपोर्टर प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले और इसके दौरान डिजिटल तरीके से अपने सवाल सरकार तक पहुंचा सकते हैं, जिनका जवाब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले मुख्यमंत्री या अन्य मंत्री देंगे
दरअसल यह सवाल भी उठ रहे थे कि जब दिल्ली सरकार ने दिल्ली में कोरोना वायरस के मद्देनजर 20 से ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी लगा रखी है, तो ऐसे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में तो इससे ज्यादा ही लोग इकट्ठा होते हैं तो कहीं इससे कोरोना का संक्रमण ना फैल जाए.