नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश भर में चल रहे विरोध के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने बयान दिया है. उन्होंने एक के बाद एक दो ट्वीट कर कहा है कि बी.एस.पी. की मांग है कि केन्द्र सरकार CAA/NRC को लेकर खासकर मुसलमानों की सभी आशंकाओं को जल्दी दूर करे तथा उनको पूरे तौर से सन्तुष्ट भी करना चाहिये तो यह बेहतर होगा. अपने अगले ट्वीट में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन इसके साथ ही मुस्लिम समाज के लोग सावधान भी रहें. कहीं इस मुद्दे की आड़ में उनका राजनैतिक शोषण तो नहीं हो रहा है और वे उसमें पिसने लगे हैं.
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जगहों पर भीड़ और पुलिस के बीच झड़प भी हो गयी थी. कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को कानून के विरोध में दिल्ली के राजघाट पर सत्याग्रह किया था. इससे पहले बीजेपी की तरफ से कानून के समर्थन में देश भर में रैली करने का फैसला लिया गया था. BJP के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को कोलकाता में रैली को संबोधित किया था. रैली की शुरुआत सुबोध मलिक स्कवॉयर से हुई और श्यामबाजार पर खत्म हुई. रैली में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आलावा कैलाश विजयवर्गीय ने हिस्सा लिया था.
बता दें कि इससे पहले भी बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार से शनिवार को कहा था कि वह संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी पर अपनी जिद छोड़कर अपने फैसले वापस ले. मायावती ने ट्वीट किया था, ”अब तो सीएए और एनआरसी के विरोध में केन्द्र सरकार के राजग में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं. अतः बसपा की मांग है कि वे अपनी जिद छोड़कर इन फैसलों को वापस ले.”उन्होंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील है कि वे अपना विरोध शांतिपूर्ण ढंग से ही प्रकट करें.