बहादराबाद निवासी पैथोलॉजी लैब संचालक कार्तिक हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने हत्याकांड में लैब में ही काम करने वाले दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। कर्मचारियों ने 70 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए कार्तिक का अपहरण किया।
फिरौती नहीं मिलने पर पकड़े जाने की डर से कार्तिक की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव ठिकाने लगाने से पहले पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। एसएसपी अजय सिंह ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
शनिवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में पत्रकारों से वार्ता करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि शिवमंदिर चौक बहादराबाद निवासी प्रेमचंद के बेटे कार्तिक की रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की रामधाम कॉलोनी में पैथोलॉजी लैब है। बृहस्पतिवार को वह घर से पार्टी में जाने की बात कहकर निकला। लेकिन फिर वापस नहीं लौटा।
शुक्रवार को पिता प्रेमचंद ने गुमशुदगी दर्ज कराई। दोपहर में उसकी मां अंगूरी देवी के फोन पर एक कॉल आई और बात करने वाले शख्स ने कार्तिक का अपहरण करने की बात कही और उसे छोड़ने की एवज में 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
जानकारी मिलते ही गुमशुदगी को तत्काल अपहरण में तरमीम कर जांच शुरू कर दी गई। एसपी क्राइम रेखा यादव, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल के साथ बहादराबाद एसओ नितेश शर्मा और सीआईयू की टीम खुलासे के लिए गठित की।