इस बार दीपावली के अगले दिन अमावस्या और सूर्यग्रहण होने के कारण आज यानी मंगलवार 25 अक्तूबर को कोई त्योहार नहीं मनाया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ऐसा संयोग 27 साल बाद देखने को मिला है। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि यह ग्रहण भारतवर्ष सहित मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया आदि स्थानों पर दिखाई दिया। इसका सूतक प्रभाव प्रात: काल इसी दिन 4:28 बजे से शुरू हो गया था। उत्तराखंड में लोग सूर्य ग्रहण को देखने के लिए काफी उत्साहित दिखाई दिए।
राजधानी देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में ग्रहण का नजारा कुछ ऐसा नजर आया कि लागों की नजर नहीं हटी। लोगों ने काले चश्मे से ग्रहण के नजारे को देखा और कैमरे में कैद किया।