चकराता विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के मजबूत गढ़ के रूप में जाना जाता है। इसका कारण यह है कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से लगातार चार बार प्रीतम सिंह ही विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाते रहे हैं। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर हुई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रीतम सीट बचाने में सफल रहे थे। इस बार कांग्रेस के इस मजबूत किले में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने मुन्ना सिंह चौहान दंपती से किनारा करते हुए रामशरण नौटियाल पर भरोसा जताया है।
चकराता विधानसभा क्षेत्र की राजनीति प्रीतम सिंह और मुन्ना चौहान के परिवारों के ईर्द-गिर्द ही घूमती रही है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से लेकर अभी तक इस सीट पर प्रीतम सिंह का मुकाबला मुन्ना चौहान या फिर मुन्ना चौहान की पत्नी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान के बीच ही हुए हैं। इस बार पहली बार ऐसा हुआ है कि मौजूदा चुनाव में मुन्ना या उनके परिवार से चकराता विधानसभा सीट पर कोई प्रत्याशी नहीं है। इस बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में प्रीतम का मुकाबला भाजपा के रामशरण नौटियाल के बीच है।