यूपी विधानसभा चुनाव में छात्र व पुजारी से लेकर बुजुर्गों तक से भी पुलिस को गड़बड़ी की आशंका है। यही वजह है कि बिजनौर थाने की पुलिस ने बलसिंह खेड़ा के 40 परिवारों के 33 लोगों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद कर दिया है। इनमें छात्र से लेकर बुजुर्ग और यहां तक कि मंदिर के पुजारी भी शामिल हैं। इन सभी ने पुलिस पर बिना गांव में आए ही एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।
सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र का बलसिंह खेड़ा गांव बिजनौर थाना क्षेत्र में आता है। गांव में 40 परिवार हैं। चुनाव के मद्देनजर बिजनौर पुलिस ने बलसिंह खेड़ा के 33 लोगों को शांतिभंग की धारा 107/116 के तहत पाबंद किया है।
खास बात ये है कि इनमें से किसी का भी कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। इन सभी का कहना है कि पुलिस न तो गांव आई और न ही कोई छानबीन की। सिर्फ विरोधियों के इशारे पर एकतरफ कार्रवाई कर दी गई।
एसीपी कृष्णानगर पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था कायम रहे और किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसके चलते पुलिस लोगों को पाबंद करती है। इस गांव में भी पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। बेवजह परेशान करने या किसी के इशारे पर कार्रवाई के आरोप सरासर गलत व बेबुनियाद हैं।