उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित कोरोनेशन जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के चिकित्सक ने कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बड़ा बयान दिया है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट का दावा है कि कोरोना की दूसरी लहर से ज्यादा तीसरी लहर खतरनाक होगी। सरकार को बुजुर्गो को नहीं पहले युवाओं को वैक्सीन लगानी चाहिए थी।
डॉ. एनएस बिष्ट ने वैक्सीन की मियाद पर भी सवाल उठाए हैं। कहा है कि तीसरी लहर आने से पहले बुजुर्गों को एक बूस्टर डोज की जरूरत है।
वहीं उन्होंने कहा है कि कोरोना की थ्योरी समझने में कहीं गलती तो नहीं कर दी है। बता दें कि डॉ. एनएस बिष्ट मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के चिकित्सक भी हैं।
जिला स्तर से डिमांड न भेजें
प्रदेश में अब केंद्रीय स्तर से लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। लिहाजा, शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वह जिला स्तर से इसकी डिमांड न भेजें। इसके अलावा प्रदेश में कहीं भी ऑक्सीजन के वाहनों को बिल्कुल भी नहीं रोका जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए। इसमें उन्होंने कहा कि कोविड के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रदेश में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र से वार्ता कर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की डिमांड के हिसाब से अलॉटमेंट कोटा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
लिहाजा, जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वह जिला स्तर से लिक्विड ऑक्सीजन की डिमांड न भेजें। इसके साथ ही ऑक्सीजन के टैंकरों का आवागमन निर्बाध होना चाहिए। अगर किसी भी जिले में ऑक्सीजन सप्लाई या टैंकरों की कमी है तो वह तत्काल सीधे नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित करे। www.nvi24