शहर के कितने घरों से कूड़ा उठा, इसकी अब लाइव निगरानी होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इंटिग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) से इस पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए लोगों के घर के बाहर क्यूआर कोड लगाने का काम चल रहा है। कूड़ा उठाने के बाद कर्मचारी जैसे ही कोड को स्कैन करेंगे, आईसीसीसी में इसकी जानकारी पहुंच जाएगी।
कृष्णनगर में क्यूआर कोड लगाने का काम पूरा
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 12 कृष्णनगर में क्यूआर कोड लगाने का काम पूरा हो गया है। वार्ड 32 बल्लूपुर में कोड लगाने का काम चल रहा है। परियोजना के तहत शहर के 25 हजार घरों में क्यूआर कोड लगेंगे।
ड्राइवर और कंडक्टर के फोन में एक मोबाइल एप इंस्टॉल किया जाएगा
स्मार्ट सिटी की जनसंपर्क अधिकारी प्रेरणा ध्यानी ने बताया कि डोर टू डोर कूड़ा उठान में लगे वाहनों के ड्राइवर और कंडक्टर के फोन में एक मोबाइल एप इंस्टॉल किया जाएगा। कूड़ा उठाने के बाद कंडक्टर उस घर के बाहर लगे कोड को स्कैन करेगा। इससे तुरंत उसकी जानकारी आईसीसीसी तक पहुंच जाएगी। वहीं, जिस घर से कूड़ा उठ गया है, उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी इसका मैसेज पहुंच जाएगा।
क्यूआर कोड के साथ टोल फ्री नंबर भी जारी
इससे यह जानना आसान हो जाएगा कि रोजाना कितने घरों से कूड़ा उठा रहा है। किस इलाके में गाड़ी गई या नहीं गई और किसी इलाके में कितने घरों से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है। किस इलाके में गाड़ी कितने बजे पहुंची, इसकी जानकारी भी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि इसी क्यूआर कोड के साथ टोल फ्री नंबर 18001802525 भी जारी किया गया है।
कूड़ा उठान को लेकर कोई भी दिक्कत होने पर शहर का कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर कॉल कर सकता है। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के बाद शहर के सभी वार्डों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।