चंडीगढ़। प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारी किसानों के समर्थन में आ गए हैं। फेडरेशन ऑफ यूटी इंप्लाइज एंड वर्कर्स चंडीगढ़ की कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया कि सात दिसंबर को सेक्टर-17 में किसानों के समर्थन में प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारी धरना देंगे। फेडरेशन की बैठक सेक्टर-33सी में अध्यक्ष रघबीर चंद की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 26 नवंबर को हड़ताल में शामिल फेडरेशन से संबंधित यूनियनों का धन्यवाद किया। इस दौरान भारत सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों की निंदा की गई।
बैठक के दौरान बिजली, पानी, बागबानी, सड़क, एमसी मनीमाजरा, बाल-कल्याण परिषद सहित प्रशासन और नगर निगम की डेढ़ दर्जन से भी अधिक विभागीय यूनियनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। फेडरेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि बैठक के दौरान लाभ में चल रहे बिजली विभाग के निजीकरण का फैसला रद्द करने, डेलीवेज, वर्कचार्ज और कांट्रैक्ट, आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का होने तक समान काम के लिए समान वेतन देने, विभागों में खाली पदों को भरने, नियमों में संशोधन कर पदोन्नति का कोटा बढ़ाने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकायों का जल्द भुगतान करने, जेम प्रणाली खत्म करके कर्मचारियों को दिल्ली की तर्ज पर विभागों के अधीन करने, स्मार्ट घड़ियां डालने का फैसला रद्द करने, डीसी रेट बढ़ाने आदि मांगों को लागू करनाने के लिए धरना देने का फैसला किया। बैठक में प्रशासन के मुख्य अभियंता मुकेश आनंद की निंदा करते कहा गया कि मुख्य अभियंता मुकेश आनंद के कार्यकाल में विकास कार्य ठप्प हो गए हैं।