उत्तराखंड:अनलॉक 1 के अंतर्गत सोमवार से लोगों को बहुत सारी छूट मिलने जा रही है। इनमें धार्मिक स्थल और रेस्टोरेंट भी शामिल हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इन स्थलों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अलग से गाइडलाइन जारी की है। इनमें कहा गया है कि मंदिर और रेस्टोरेंट में जाने वाले सभी लोगों को गाइडलाइंस का पालन करना होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि ये गाइडलाइंस यूं ही नहीं बनाई गई हैं। रेस्टोरेंट संचालक और धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों व स्थानीय प्रशासन को बता दिया गया है कि वे इन दोनों जगहों पर किसी को भी ग्रीन कॉरिडोर न दें। अर्थात, ऐसा कोई व्यक्ति न हो, जो वीवीआईपी ट्रीटमेंट के जरिए अंदर चला जाए। सभी को गाइडलाइंस के मुताबिक चलना होगा। धार्मिक स्थल पर प्रसाद के लेन देन और तिलक लगाने पर भी रोक रहेगी। भगवान की मूर्ति को छूना मना है। सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार लाइन में लग कर अपनी जांच करानी होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ये गाइडलाइंस भेजी गई हैं। स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वह ऐसे स्थलों पर किसी के लिए ग्रीन कॉरिडोर न बनाए। सभी को मंत्रालय द्वारा जारी हिदायतों के मुताबिक प्रवेश देने की व्यवस्था की जाए। देखने में आता है कि धार्मिक स्थलों पर बहुत से लोग वीवीआईपी बनकर दर्शन करते हैं। उन्हें कतार में खड़े होने की आदत नहीं होती। बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में भी ऐसा ही होता है।
*धार्मिक स्थलों पर इन नियमों का करना होगा पालन*
धार्मिक स्थलों के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनमें कहा गया है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर मूर्ति को छूना मना है। प्रवेश से पहले सभी लोगों को अपने हाथ-पांव साबुन से धोने होंगे। धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार पर तापमान चेक किया जाएगा। इसके बाद दर्शनों के लिए जो व्यवस्था बनाई गई है, उसी के दायरे में रहते हुए दर्शन करने होंगे। अगर किसी व्यक्ति का तापमान ज्यादा मिलता है या उनमें कोरोना का कोई दूसरा लक्षण सामने आता है तो उसे अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। लोगों के लिए फेस मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। देश के सभी धार्मिक स्थल शनिवार तक सैनिटाइज कर दिए गए हैं। दर्शनों के लिए जो दूरी रखी गई है, वह कम से कम सात से आठ फीट रहेगी। पुजारी से कहा गया है कि वह किसी को तिलक आदि न लगाए। पूजा सामग्री और प्रसाद का लेन देन न करे।
धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ एकत्रित न होने दें।
प्रवेश द्वार पर हैंड सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था हो।
कोविड-19 की जानकारी देने वाले पोस्टर धार्मिक स्थल पर लगाने होंगे।
अलग अलग कतार में दर्शन कराए जाएं। लोगों को अपने जूते चप्पल धार्मिक परिसर से बाहर उतारने होंगे।
*रेस्टोरेंट के लिए नियम*
कंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट नहीं खोले जाएंगे।
रेस्टोरेंट के प्रवेश द्वार पर हैंड सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग का प्रबंध करना होगा।
फेस मास्क के बिना किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की इजाजत न दी जाए।
सोशल डिस्टेंसिंग के चलते रेस्टोरेंट में लोगों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
पार्किंग एरिया में सभी कर्मी मास्क और दस्ताने पहनेंगे।
वे कर्मी खुद सभी गाड़ियों के स्टेयरिंग और डोर हैंडल को सैनिटाइज करेंगे।
एंट्री और एग्जिट गेट अलग रहेगा।
रेस्टोरेंट में बैठने की सीमा तय की गई है।
कुल सीटिंग का केवल पचास फीसदी हिस्सा ही लोगों को बैठाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।