नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रविवार शाम हिंसा के बारे में अफवाह फैलने के बाद कुछ हिस्सों में लोगों के बीच दहशत पैदा हो गई थी. दिल्ली पुलिस ने किसी भी घटना से इनकार किया और हिंसा की खबरों को महज अफवाह बताते हुए लोगों से शांति की अपील की. आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के नेताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. पुलिस ने बताया कि हिंसा की अफवाहों के दौरान रविवार को उन्हें 481 कॉलें मिलीं. जांच में सभी कॉल फर्जी पाई गईं.
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पश्चिम दिल्ली इलाके में 12 पुलिस स्टेशन हैं. रविवार शाम 7 बजे लेकर 12 बजे तक इस इलाके से उनके पास 481 कॉल आईं. इनमें 148 कॉल तिलक नगर से थीं. 143 कॉल ख्याला पुलिस स्टेशन को मिलीं. राजौरी गार्डन से 96, पंजाबी बाग से 26, हरि नगर, मोती नगर, जनकपुरी समेत पश्चिम दिल्ली के अन्य इलाकों से भी पुलिस को कॉल की गई थीं. सभी कॉलर्स ने बताया कि उनके इलाके में सांप्रदायिक हिंसा हो रही है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी कॉल्स फर्जी पाई गईं लेकिन अफवाह से शहर में डर फैल गया था. उन्होंने इस अफवाह की जड़ बताते हुए कहा कि ख्याला इलाके में करीब 7 बजे पुलिस ने सट्टेबाजी के एक रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए छापेमारी की थी. आरोपी वहां से भागने लगे, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई. कुछ लोगों ने कहा कि पुलिस पर फायरिंग की गई. कुछ चैनलों ने यह भी चलाया कि सटोरियों ने पुलिस पर पथराव किया लेकिन यह दोनों ही बातें बेबुनियाद थीं
बताते चलें कि रविवार शाम को फैली अफवाह के बाद DMRC ने पश्चिम दिल्ली के 7 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था. कुछ वक्त के बाद जब यह पता चला कि हिंसा की खबरें महज अफवाह हैं तो सभी स्टेशनों को खोल दिया गया. इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई. दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से भी इन खबरों का खंडन करती रही और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.