नई दिल्ली : डकैती की एक वारदात में बदमाश भी पकड़े जा चुके हैं. पुलिस ने वाहवाही भी लूट ली लेकिन अब उसी डकैती की गुत्थी में जौनपुर और मऊ की पुलिस ऐसी फंसी है कि सुलझाते नहीं बन रहा है. दरअसल मामले की शुरुआत 31 अक्टूबर को हुई जब जौनपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक पीछे महालक्ष्मी ज्वैलर्स पर डकैत धावा बोलते हैं और लाखों रुपए के जेवर लूट लेते हैं. जौनपुर पुलिस के हाथ पैर फूल जाते हैं. लेकिन 15 नवंबर को जौनपुर पुलिस ने खुलासा किया कि डकैती डालने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके आठ अन्य साथी फरार हैं. इन बदमाशों से लूटे गए पैसे 3 लाख 82 हजार रुपए भी बरामद कर लिए गए.
इसमें एक काली स्कोर्पियो की भी बरामदगी दिखाई गई और पुलिस ने कहा कि इसी गाड़ी में ज्वैलरी रखी गई. पहली नजर में डकैती का मामला सुलझा समझा गया लेकिन इस मामले में टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उप्र की मऊ पुलिस ने 21 नवंबर को इनकाउंटर में मारे गए हरिकेश यादव गैंग के कुछ सदस्यों को पकड़ा और उनसे जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि जौनपुर में महालक्ष्मी ज्वैलर्स पर हुई लूट को उन लोगों ने अंजाम दिया. मऊ के एएसपी ने तुरंत जौनपुर की पुलिस को भी ये बात बताई. जौनपुर पुलिस ने जांच की बात कहीं लेकिन मामले को दबाए रखा. लेकिन इस कहानी में अभी एक और सस्पेंस बाकी था.
जौनपुर पुलिस ने फंसाया?
जौनपुर पुलिस ने महालक्ष्मी ज्वैलर्स में हुए एक करोड़ की लूट में दो बदमाशों को पकड़ा और 8 अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही. इन्हीं में से एक ब्लॉक प्रमुख विनय सिंह का नाम भी शामिल था और इन्हीं की स्कोर्पियो को भी लूट में शामिल दिखाया गया था. लेकिन विनय सिंह के पिता वीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि एक एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी के इशारे पर विनय सिंह का नाम जान बूझकर इस डकैती में डाला गया. जबकि 31 अक्तूबर को डकैती वाले दिन विनय सिंह मुंबई में थे और उनकी स्कोर्पियों का वाराणसी के गैराज में मरम्मत चल रहा था.
पुलिस इस शिकायत को रद्दी की टोकरी में डाल चुकी थी लेकिन 10 दिन बाद मऊ पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाशों के महालक्ष्मी ज्वैलर्स में डाका डालने के कबूलनामें से अब जौनपुर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. असली और नकली बदमाशों के फेर में फंसी दो जिलों की पुलिस के सामने ये केस न उगलते बन रहा है और न निगलते. मुख्यमंत्री के पास भी ये शिकायत पहुंची है फिलहाल उस वक्त के जौनपुर एसपी का तबादला हो चुका है और नए एसपी जांच की बात कह रहे हैं.