एडिटर :अनामिका मिश्रा
देहरादून के नरेंद्रनगर में प्रसिद्ध मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए मंच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस बीच, मंत्री के माफी मांगने को लेकर फैली खबरों पर स्थिति अब पूरी तरह साफ हो गई है।
क्या वाकई मंत्री सुबोध उनियाल ने मांगी माफी?
मीडिया के एक हिस्से में यह दावा किया गया था कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है, जिसे मीका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी रखा था। हालांकि, यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ है।
मंत्री सुबोध उनियाल की टीम ने इन खबरों का खंडन किया है। मंत्री का साफ कहना है कि जनता के पैसों से कलाकारों को भारी फीस दी जाती है, इसलिए उन्हें मंच पर बेहतरीन परफॉर्मेंस देनी चाहिए। यदि तबियत खराब थी, तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। मंत्री अपने बयान पर कायम हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
मेले में लाइव शो के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अचानक कार्यक्रम रुकवा दिया था और आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी ठीक से गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे हैं।
इस घटना के बाद दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने सफाई दी कि दलेर साहब अस्वस्थ थे और उन्होंने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया। मीका ने मंत्री के व्यवहार की आलोचना करते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संभाला मोर्चा
विवाद बढ़ने और उत्तराखंड की अतिथि सत्कार की परंपरा पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मामले में दखल दिया।
सीएम धामी ने ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना का सम्मान करते हुए कलाकार पक्ष से फोन पर बात की और पूरी घटना पर खेद जताया। मुख्यमंत्री की इसी सौहार्दपूर्ण पहल को कुछ जगहों पर गलत तरीके से यह प्रचारित कर दिया गया कि मंत्री उनियाल ने माफी मांग ली है। हकीकत में, सरकार की ओर से सीएम ने मामला शांत कराया, जबकि मंत्री उनियाल अब भी अपने रुख पर अडिग हैं।