CM पुष्कर सिंह धामी के Uniform Civil Code का विधेयक कल विधानसभा में पेश होगा और पास भी होना तय है.इस कानून का इंतजार पूरा देश कर रहा है.दुनिया के कई बड़े देशों और मध्य-पूर्व की भी नजरें इस कानून पर टिकी हुई है.नक़ल विरोधी कानून के बाद UCC ने साफ़ किया कि साहसिक फैसले करने में PSD पूरी तरह PM नरेंद्र मोदी की राह पर है.ख़ास पहलू ये है कि उत्तराखंड के नक़ल विरोधी कानून को केंद्र सरकार भी अपना रही है.ये भी तय सा है कि UCC को भी अपनाया जाएगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता भारतीय संविधान के अनुरूप होगा.इसके बाबत विधेयक पेश होने से पहले कयासबाजी उचित नहीं है.ये विधेयक सभी धर्म-पंथ-लोगों के कल्याण के लिए है.सभी धर्मों के लिए एक कानून BJP सरकार का संकल्प था.देश को इसकी लम्बे समय से जरूरत थी.
Justice (ret) रंजना देसाई की अगुवाई में तैयार UCC ड्राफ्ट को कल मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के बाद अब विधेयक की शक्ल में विधानसभा सदन में पेश किया जा रहा है.उत्तराखंड ने आगे बढ़ के UCC पर वह काम किया है जो देश में सभी धर्मों-पंथ और तबकों-लिंग को प्रभावित करेगा.उनकी जिंदगी और समाज में परिवर्तन लाएगा.मुख्यमंत्री ने आज कहा,`ये कानून एक भारत-श्रेष्ठ भारत की कल्पना को साकार करेगा’.उत्तराखंड विधानसभा सत्र आज ही शुरू हुआ.इसको सिर्फ UCC बिल पास करने के लिए ही बुलाया गया है.ये कहा जा सकता है.
सोमवार को पत्रकारों से PSD ने कहा कि कल UCC विधेयक पेश होगा.उत्तराखंड के लिए ये युगांतकारी समय है.पूरे देश की नजर देवभूमि पर टिकी है.विरोधी दलों के सदस्यों को भी इस विधेयक पर चर्चा में शरीक होना चाहिए.उत्तराखंड को ये सौभाग्य मिला है कि ये कानून लाने का मौक़ा उसको मिला.केंद्र सरकार के भी उत्तराखंड की तर्ज पर नक़ल विरोधी कानून लाने के फैसले पर उन्होंने PM मोदी को युग दृष्टा करार देते हुए कहा कि वह युवाओं के साथ इन्साफ के लिए एक के बाद एक अहम कदम उठा रहे हैं.
CM पुष्कर ने अनुसूचित जनजातियों को UCC में शामिल न करने से जुड़े सवाल पर कहा कि पहले इस विधेयक को सदन में पेश होने दें.सारी शंकाएं दूर हो जाएंगी.अभी तो ये ड्राफ्ट ही है.हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई के लिए एक कानून को ला के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एक किस्म से बाकी BJP शासित राज्यों की सरकार के अपने समकक्षों के लिए अब बहुत लम्बी लकीर खींच दी है.उनका नक़ल विरोधी कानून पहले ही मोदी सरकार ने अपना के उनके नंबर कहीं अधिक बढ़ा दिए हैं.
पुष्कर BJP के ऐसे Commander-in-Chief बन के तेजी से उभरे हैं, जिनको संघ-मोदी-पार्टी सबसे कठिन और सबसे नए Task सौंपे जा सकते हैं.पिछली विधानसभा चुनाव में जब BJP पाताल पर लगी हुई मानी जा रही थी, तब भी मोर्चा उनको ही सौंपा गया था.उन्होंने आश्चर्यचकित करने वाली एतिहासिक फतह पार्टी को दिला के फिर सरकार बनवा दी.UCC से पहले नौजवान मुख्यमंत्री धर्मान्तरण कानून-अवैध धार्मिक स्थल को नष्ट करना-नक़ल विरोधी कानून (नौकरी वाले इम्तिहानों में) ला चुके हैं.
ऊर्जा से लबालब और कठोर फैसलों से न डरने-हिचकने वाले पुष्कर को देश के सभी BJP शासित राज्य सरकारों के साथ ही केंद्र सरकार भी बड़े फैसलों के मामले में आदर्श पायलट मान सकती है.वह राह दिखाने में माहिर हो के उभरे हैं.पुर्तगाली संस्कृति और परम्पराओं वाले गोवा को छोड़ दिया जाए तो उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जो UCC लागू कर रहा है.गोवा का कानून फिर भी लचीला है.विसंगतियों वाला है.
माना जा रहा है कि दुनिया के तमाम बड़े और विकसित देशों (अमेरिका-ब्रिटेन-Middle East) की सरकारों-वहां के धार्मिक संगठनों-International Media घरानों की भी नजरें उत्तराखंड पर गड़ी हुई हैं.UCC के क्रियान्वयन के बाद पुष्कर का सियासी रुतबा और प्रचार की सीमा देश से बाहर तक जा सकती है.ऐसा विश्लेषक मान रहे हैं.ईसाई बहुतायत वाला अमेरिका-यूरोप और ईस्लाम मानने वाले खाड़ी देशों का पुष्कर के UCC में दिलचस्पी लेना स्वाभाविक है.