परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल हो या विभिन्न मुद्दों पर परिवहन व्यावसायियों के विरोध। माहौल गर्म हो या हालात कितने भी मुश्किल। परिवहन मंत्री चंदन रामदास मुस्कुराते हुए हर समस्या का हल निकाल देते थे। विभागीय मंत्री के तौर पर इस छोटे से कार्यकाल में कई उपलब्धियां उनके खाते में दर्ज होकर इतिहास बन गईं।
परिवहन निगम में कर्मचारी संगठनों की हड़ताल आम रहती थी। परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने उनकी समस्याएं सुनी। उनका हल निकालने के लिए काम किया। राज्य गठन के बाद से परिवहन निगम लगातार घाटे में चल रहा था। परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने इस पर खास तवज्जो दी। परिवहन निगम की यूपी में मौजूद संपत्तियों का विवाद खत्म कराया।
इससे निगम को 200 करोड़ से ऊपर मिले। बसों के संचालन पर फोकस बढ़ाया। आज परिवहन निगम पहली बार लाभ में काम कर रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सालों से अटके हुए देयकों का भुगतान हो गया है। मंत्री चंदन रामदास ने अब निगम को अपने खर्च से ही आधुनिकीकरण के ट्रैक पर चला दिया था।