देहरादून में एमडीडीए के पूर्व अधिकारी के घर डकैती उनके स्कूल के एक कर्मचारी के चचेरे भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर डाली थी। पुलिस ने पांचों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से लूटे गए गहने बरामद कर लिए गए हैं जबकि नकदी को बदमाशों ने खर्च कर दिया। सभी बदमाशों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि मंगलवार को नेहरू कॉलोनी में वीके अग्रवाल के घर बदमाशों ने दिनदहाड़े लूटपाट की थी। चार बदमाशों ने घर के अंदर महिलाओं को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर गहने और नकदी लूट ली थी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस दौरान बदमाशों की संख्या चार से ज्यादा पाई गई। पता चला कि एक बदमाश घर के बाहर खड़ा था। लिहाजा, मुकदमे को लूट की जगह डकैती में तब्दील कर दिया गया।
जांच में पता चला कि बदमाशों ने अपने स्कूटर और मोटरसाइकिल घर से काफी दूर खड़े किए थे। बाहर एक बदमाश को निगरानी के लिए खड़ा किया गया था। वह हर गतिविधि पर नजर रख रहा था। पुलिस ने 450 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। हरिद्वार, बिजनौर, मेरठ, दिल्ली और मुजफ्फरनगर में दबिश दी गई। रास्तों की फुटेज चेक करने और मुखबिरों से पता चला कि इस डकैती को मुजफ्फरनगर के पचेंडाकला के बदमाशों ने अंजाम दिया है। पुलिस ने इस गांव में बृहस्पतिवार रात को दबिश दी और विपिन, सचिन, विकास और अंकित नाम के बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। विपिन ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई गुड्डू अग्रवाल परिवार के स्कूल सेंट एनीज में काम करता है। वह अक्सर गुड्डू के पास जाता रहता था।
गुड्डू अपने मालिक के बारे में अक्सर बातें करता था। इससे पता चला कि अग्रवाल परिवार के यहां बहुत पैसा हो सकता है। लिहाजा, उसने यहां लूट का षडयंत्र रचा। विपिन के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि एडमिशन सीजन चल रहा है तो वहां से 40-50 लाख रुपये मिल जाएंगे। इसके बाद उसने साथियों को लेकर इलाके की रेकी शुरू कर दी। इस योजना के बारे में उन्होंने अपने एक अन्य साथी विकास जायसवाल निवासी गोकुलपुरी, दिल्ली को बताया। जायसवाल वर्तमान में आईडीपीएल ऋषिकेश में रहकर एक होटल चलाता है। विकास भी उनकी योजना में शामिल हो गया।