विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) कार्यालय के घूसखोर पूर्व सेक्शन इंचार्ज को स्पेशल सीबीआई जज बृजेंद्र सिंह की कोर्ट ने पांच साल कठोर कैद की सजा सुनाई है। दोषी ने छह साल पहले एक मशरूम व्यापारी से निर्यात में छूट से जुड़ा लाइसेंस जारी करने की एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। दोषी पर अदालत ने दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई के अधिवक्ता अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली निवासी नवीन पटवाल ने तीन नवंबर 2016 को शिकायत की थी। पटवाल वेलकिन फूड्स कंपनी रुड़की के पार्टनर थे। उन्हें मशरूम के निर्यात के लिए मिलने वाली छूट से जुड़ा निर्यात संवर्द्धन पूंजीगत वस्तु योजना (ईपीसीजी) लाइसेंस चाहिए था। इसके लिए उन्होंने 21 अक्तूबर 2016 को ऑनलाइन आवेदन किया था। 25 अक्तूबर 2016 को मेल आया कि उनके पास इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट कोड नहीं है। इसलिए लाइसेंस जारी नहीं हो सकता है।