हरियाणा के रोहतक में तीन साल पहले खरावड़ गांव में नये साल का जश्न मनाने का झांसा देकर पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या करने के आरोपी पति झज्जर जिले के गांव बराही निवासी सुरेंद्र उर्फ सोनू को एडीजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही जान से मारने की धमकी देने पर 7 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
खरावड़ गांव निवासी संतरा देवी ने 1 जनवरी 2019 को पुलिस ने शिकायत दी थी कि उसने सबसे छोटी बेटी पिंकी (30) की शादी 16 साल पहले झज्जर जिले के गांव बराही निवासी सुरेंद्र उर्फ सोनू के साथ हुई थी। पिंकी की 13 साल की बेटी व 10 साल का बेटा है।
उसकी बेटी 10वीं पास थी और खेड़ी साध के पास निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। नौकरी के कारण पिंकी मायके खरावड़ गांव में रहती थी, जबकि दोनों बच्चे अपने दादा-दादी के पास रहते थे। पिंकी के मायके में रहने के कारण दामाद सोनू उर्फ सुरेंद्र अकसर उससे झगड़ा करता था।
कई बार सुरेंद्र भी खरावड़ आ जाता था। 31 दिसंबर 2018 को रात करीब सात बजे दामाद का फोन आया कि उनका खाना मत बनाना। बाहर नए साल का जश्न मनाएंगे और बाहर ही खाना खाएंगे। वह पिंकी को निजी अस्पताल से ही साथ लेकर जा रहा है।
देर रात तक जब पिंकी घर नहीं आई तो उसने फोन किया। पिंकी ने फोन नहीं उठाया। साथ ही थोड़ी देर बाद सोनू का भी फोन बंद हो गया। वह अपने बेटे सुनील को साथ लेकर बाहर आई। एक कमरे का दरवाजा बंद था। अंदर से पिंकी व सोनू के बीच झगड़े की आवाज आ रही थी।
कई बार आवाज लगाने पर सोनू ने दरवाजा खोला तो उसके हाथ में चाकू था। बोला आज जो सामने आएगा, उसे मार दूंगा। इसके बाद मौके से फरार हो गया। अंदर जाकर देखा तो पिंकी तड़प रही थी। उनके सामने ही उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने पिंकी की मां के बयान पर उसके पति सुरेंद्र उर्फ सोनू व देवर कालू के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में कालू को पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी। तभी से सुरेंद्र उर्फ सोनू के खिलाफ हत्या का केस चल रहा था। गुरुवार को अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।