हरिद्वार में शराब पीने से बीमार हुए लोग चिकित्सकों के सामने आने से कतरा रहे हैं। सोमवार को भी मेडिकल टीम गांवों में पहुंची, लेकिन कोई इलाज करवाने सामने नहीं आया। पुलिस ने मुनादी करवाकर घर-घर जाकर बीमार लोगों की तलाश की, लेकिन कोई नहीं मिला। सोमवार को सूखा सिंह और देवेंद्र की मौत उनकी खुद की लापरवाही से हुई। यदि समय पर इलाज करवाने सामने आ जाते तो उसकी जान बच सकती थी।
मालूम हो कि रविवार को दोनों गांवों में मेडिकल टीम पहुंची थी। कैंप लगाने के बाद भी कोई अपनी जांच और उपचार करवाने के लिए नहीं पहुंचा था। सोमवार को एक बार फिर से फूलगढ़ और शिवगढ़ में सीएमओ डा. खगेंद्र कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम पहुंची।
एसडीएम पूरन सिंह राणा और पथरी पुलिस ने गांवों में मुनादी करवाई। ग्रामीणों से अपील की गई कि वह अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। इसके बाद भी कोई सामने नहीं आया। माना जा रहा है कि ग्रामीणों को डर है कि कहीं पुलिस उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न कर दे।
एलआईयू के कर्मचारी भी अपने स्तर से गांवों में बीमार लोगों को ढूंढ रहे हैं। रविवार को एलआईयू की रिपोर्ट के आधार पर ही सूखा सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। सूखा सिंह की तबीयत खराब होने के बाद भी वह इलाज करवाने आगे आने से डर रहा था। इसी तरह देवेंद्र को भी रविवार को भर्ती कराया गया। इलाज में देरी होने से दोनों की जान चली गई।