बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि सेना में काफी लम्बे समय तक भर्ती लंबित रखने के बाद अब केन्द्र ने चार वर्ष की अल्पावधि वाली ‘अग्निवीर’ नई भर्ती योजना घोषित की है। उसको लुभावना व लाभकारी बताने के बावजूद देश का युवा वर्ग असंतुष्ट एवं आक्रोशित है। वे सेना भर्ती व्यवस्था को बदलने का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
मायावती ने कहा कि युवाओं का मानना है कि सेना व सरकारी नौकरी में पेंशन लाभ आदि को समाप्त करने के लिए ही सरकार जवानों की भर्ती की संख्या को कमी के साथ-साथ मात्र चार साल के लिए सीमित कर रही है, जो घोर अनुचित तथा गरीब व ग्रामीण युवाओं व उनके परिवार के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि देश में लोग पहले ही बढ़ती गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और सरकार की गलत नीतियों व अहंकारी कार्यशैली दुःखी व त्रस्त हैं। ऐसे में सेना में नई भर्ती को लेकर युवा वर्ग में फैली बेचैनी अब निराशा उत्पन्न कर रही है। सरकार तुरन्त अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस योजना का विरोध किया है कि यह युवाओं व देश के भविष्य के लिए घातक साबित होगा।