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चंपावत उपचुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह,सीएम धामी समेत चार प्रत्याशी मैदान में,,,

चंपावत उपचुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह दिखा। मंगलवार को सुबह से ही मतदान केंद्रों पर वोटरों की कतार लगी रही। शाम तक आए आंकड़ों के मुताबिक 63 प्रतिशत से अधिक मतदान की संभावना है। हालांकि अंतिम आंकड़े आना अभी बाकी है।

मुख्यमंत्री सहित चार प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न हुआ। महिला मतदाता पारंपरिक परिधानों में वोट डालने पहुंची। वहीं युवाओं और बुजुर्गों में भी भरपूर उत्साह दिखा। 76 मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की गई। चार बूथों में ईवीएम, वीवीपैट आदि खराब होने से एक घंटे तक वोटिंग बाधित रही। मौसम ने भी कुछ देर मतदान की रफ्तार को रोका।

वहीं सीएम धामी ने देहरादून से चंपावत उपचुनाव पर पूरी नजर रखी। दून जाने से पहले टनकपुर-बनबसा के 15 से अधिक बूथों पर सीएम धामी पहुंचे। उनकी पत्नी गीता धामी भी लोगों से मिलीं। उधर, मतदान को लेकर जहां भाजपा में उत्साह था वहीं 90 प्रतिशत बूथों पर कांग्रेस के बस्ते नहीं थे। प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगा शाम चार बजे कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी धरने पर बैठीं।

सीएम धामी समेत चार प्रत्याशी मैदान में

चंपावत उपचुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत चार प्रत्याशी मैदान में हैं। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री धामी को खटीमा से हार का मुंह देखना पड़ा था, ऐसे में क्षेत्र के पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी ने यह सीट उनके लिए खाली कर दी थी। उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के लिए 15 फरवरी को हुए मतदान के 106 दिन बाद 31 मई को चंपावत में दूसरी बार मतदान हुआ। चुनाव की तमाम अनिश्चितताओं के बावजूद उपचुनाव के नतीजे को लेकर खास संशय नहीं है, लेकिन भाजपा की सारी कोशिश इससे आगे की है। उसका लक्ष्य इस चुनाव में इतिहास रचने का है। वह इसमें कामयाब होगी या नहीं? इस जवाब से भविष्य की सियासत की दिशा तय होगी।