CM पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग के अफसरों-इंजीनियरों पर बिजली की अत्यधिक कटौती पर जम कर भड़के और खुल के न सिर्फ नाराजगी जाहिर की बल्कि उनसे तत्काल जवाब तलब किया की जब संकट शुरू हो ही रहा था तो वे क्या कर रहे थे? ताज्जुब की बात ये रही कि CM की बैठक में भी अफसर आधी-अधूरी जानकारी के साथ बेहद लापरवाही के साथ पहुंचे। उनको भी तगड़ी फटकार मारते हुए मुख्यमंत्री ने अल्टिमेटम दिया कि आइंदा फिर ऐसा हुआ तो अपने अंजाम के लिए खुद जिम्मेदार होंगे।
उत्तराखंड में इन दिनों गर्मी शुरू होते ही बिजली की भीषण कटौती शुरू हो गई है। इसके चलते लोग बेहद परेशान हैं। औद्योगिक इकाइयां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। उनके यहाँ कामकाज या तो ठप्प हो रहा या फिर उसकी रफ्तार कम हो रही। लोगों की दिक्कतों और उद्यमियों की समस्याओं को देखते हुए पुष्कर ने साफ कहा कि ऊर्जा-बिजली से जुड़े अफसरों-इंजीनियरों को अपनी कार्यशैली सुधारनी होगी। लापरवाही और अकुशलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सचिव (ऊर्जा) मीनाक्षी सुंदरम, यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के शीर्ष अफसरों-इंजीनियरों को निर्देश दिए कि वे बिजली संकट को हल करने से संबन्धित रिपोर्ट तैयार कर उनको और मुख्य सचिव को दें। उन्होंने फटकार लगाते हुए बिजली महकमे के अफसरों से जवाब मांगा कि औद्योगिक क्षेत्रों एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली संकट की शुरूआत हो रही थी तो वे क्या कर रहे थे? इसके हल के लिए क्यों ठोस कोशिशें नहीं की गईं? अफसर जवाब देने के बजाए पेशानी पर पसीने की बूंदे लिए बगलें झाँकते दिखे।