उत्तराखंड में नई सरकार किस पार्टी की और किस शक्लो-सूरत की होगी, और 22 वर्ष के भीतर 12वें मुख्यमंत्री की सूरत क्या होगी, नाम क्या होगा, इसमें मशरूफ़ रहते हुए लोगों ने आज EVM बटन दबा के अपनी पसंदीदा पार्टी और प्रत्याशी को वोट दे दिया, लेकिन ऐसा लग रहा कि या तो इस बार मतदान प्रतिशत साल 2017 से कम होगा, या फिर उसके करीब ही रहेगा। ऊपर जाने की गुंजाइश रात 8.30 बजे तक के रेकॉर्ड से तो लग नहीं रही।

ताज्जुब की बात ये है कि BJP और Congress की तरफ से ये दावे हो रहे कि न सिर्फ मतदान खूब हुआ और लोगों ने मताधिकार के प्रति जागरूकता और जोश दिखाया, बल्कि उनको सत्ता में पहुंचाने का संकल्प अधिक से अधिक तादाद में मतदान केन्द्रों पर पहुँच के जाहिर किया। हकीकत ये है कि किसी भी दल ने ऐसा दावा करने से पहले 5 साल पहले के रेकॉर्ड को जाँचने की जहमत नहीं की। जब 65.64 फीसदी मतदाता वोट दे आए थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कहा कि अंतिम आंकड़ा सभी पोलिंग पार्टियों के लौट आने का बाद सही-सही पता चलेगा, लेकिन आज रात जारी ताजा तरीन सूचना में निर्वाचन आयोग की तरफ से बताया गया कि 62.5 फीसदी मतदाताओं ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। ये बेशक उत्साहवर्द्धक आंकड़ा है लेकिन इसके बिना पर ये दावा करना कि ये उनके दलों के प्रति लोगों के रुझान का प्रतीक है,कोरी सियासी बयानबाजी दोनों दलों की कही जा सकती है।