विदेश में पढ़ाई करने का सपना लेकर कई युवा जाते हैं, लेकिन लौटकर अपने देश में सेवा देने का जज्बा कम ही युवाओं में होता है। उत्तराखंड के दो युवाओं ने इस धारणा को पीछे ढकेल दिया है और अपनी जन्मभूमि में सेवा का संकल्प लिया है। इन दोनों आईआईटीयंस ने ‘काफल’ (क्रिएटिव आजीविका फॉर ऑल) ब्रांड से राष्ट्रीय-अतंरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
दोनों युवा अपने कौशल से पहाड़ के अन्य युवाओं का कौशल निखार रहे हैं। रुद्रपुर के सौरभ जोशी और देहरादून के नागेंद्र रावत की नई सोच ‘काफल’ को देखते हुए उद्यान विभाग ने इन्हें स्टार्टअप के रूप में शामिल किया है। नागेंद्र और सौरभ के द्वारा शुरू किया गया काफल एडवाइजर मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म है। जिसका उद्देश्य शोध, विश्लेषण एवं प्रबंधन के माध्यम से राज्य में कौशल, रोजगार एवं आजीविका के क्षेत्र में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और परिणाम लाने में सहयोग करना है।
युवाओं का कहना है, कि आज इंडस्ट्री में बहुत से बदलाव हो गए हैं। जिस तरह की जरूरतें आज हैं, उसके अनुसार शिक्षा में बदलाव नहीं हो रहा है। पढ़ाई के बाद भी युवा बेरोजगार भटकते हैं। इसलिए जरूरी है कि रोजगार पाने के लिए युवाओं का कौशल विकास सही हो। बताया कि पहले वह रिसर्च करते हैं। किस क्षेत्र में किस तरह के रोजगार की संभावनाएं हैं, और युवाओं को किस तरह से उन अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार किया जा सकता है। कौशल विकास एक बड़े स्तर की योजना है। धरातल पर इसके सही क्रियनान्वयन के लिए हम एक्पर्ट का काम करते हैं।
नागेंद्र और सौरभ ने बताया कि सरकार पॉलिसी बनाने के दौरान विज्ञापन देकर बाहर से एक्सपर्ट बुलाती है। जबकि यहां का टैलेंट बाहर देश-विदेश में अपनी सेवा दे रहा है। यहां का टैलेंट यहां के काम आए, इसलिए वे सरकार की बेहद महत्वपूर्ण कौशल विकास जैसी योजना में एक्सपर्ट का काम कर रहे हैं। इसके अलावा कई फाउंडेशन और जर्मनी जैसे देश की योजनाओं में एक्सपर्ट का काम कर रहे हैं। आईआईटी, एमबीए कर रहे युवाओं को टीम में शामिल किया जा रहा है।
सौरभ और नागेंद्र ने आईआईटी रुड़की से अपनी पढ़ाई की। इसके बाद सौरभ एमबीए करने के लिए फ्रांस गए और नागेंद्र इटली। अप्रैल 2021 में दोनों ने लोकल फॉर ग्लोबल के उद्देश्य से इस फर्म की शुरुआत की। दोनों की मुलाकात एक ट्रेकिंग के दौरान हुई। फिर दोनों ने साथ में स्टार्टअप करने की ठानी। सौरभ और नागेंद्र का कहना है कि युवा भले ही पढ़ने के लिए और अनुभव लेने के लिए बाहर जाएं, लेकिन अपने घर जरूर लौटें।
न्यूयॉर्क में उत्तराखंड के कुलदीप लगा रहे पहाड़ी व्यंजन का तड़का
किसी भी राष्ट्र व राज्य की तरक्की युवा शक्ति पर निर्भर है। युवाओं की काबिलियत से ही राष्ट्र व राज्य की पहचान होती है। उत्तराखंड में ऐसी प्रतिभाशाली युवाओं की कोई कमी नहीं है। ऐसे ही उत्तराखंड के शेफ कुलदीप सिंह न्यूयॉर्क में पहाड़ी व्यंजनों का तड़का लगा प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।