कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से इस संबंध में उन्हें पत्र जारी किया गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यमंत्री रहे किशोर उपाध्याय पर आरोप है कि वह लगातार दी जा रही चेतावनी के बाद भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। पार्टी ने इसका संज्ञान लिया है।
बुधवार को भी सियासी हलकों में यह चर्चा गरम रही कि किशोर उपाध्याय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि किशोर वहां नहीं पहुंचे। प्रभारी देवेंद्र यादव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि आप (किशोर) भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं। इस संबंध में आपको कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन बावजूद इसके आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे। पत्र में इस बात का भी हवाला दिया गया है कि अभी आगे की कार्रवाई लंबित है।
किशोर के बहाने पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश
प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय पर बड़ी कार्रवाई कर कड़ा संदेश दिया है। पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में जिस सख्त लहजे का इस्तेमाल किया है, उससे साफ है कि पार्टी में किसी भी स्तर पर गुटबाजी या पार्टी विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। किशोर वर्तमान में चुनाव संचालन के लिए बनाई गई तमाम समितियों के सदस्य के साथ ही समन्वय समिति के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। शुरू से कांग्रेस में रहे किशोर उपाध्याय जून 2014 से मई 2017 तक पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रहे। इससे पूर्व वह एनडी तिवारी सरकार में उद्योग राज्यमंत्री रहे। वर्ष 2008 से 2012 तक प्रदेश प्रवक्ता के साथ कांग्रेस विधानमंडल दल के सचेतक के रूप में भी काम कर चुके हैं।