आज फिर 1413 नए कोरोना मामले उत्तराखंड में मिले। देहरादून में सबसे ज्यादा 505 सामने आए। सुकून और खैर इसकी मना सकते हैं कि इस बार मौतें तकरीबन हो ही नहीं रही। सिवाय कभी-कभी एकाध के। महामारी से लड़ने के बंदोबस्त भी कहीं अधिक और पर्याप्त हैं। 4118 एक्टिव केस अब तक राज्य में हो चुके हैं।
पिछली दो लहरों की तरह इस बार भी राजधानी के साथ ही हरिद्वार-नैनीताल-उधम सिंह नगर ही कोरोना के प्रमुख केंद्र बन के उभर रहे हैं। पहाड़ों में पौड़ी केसों के मामले में फिर आगे बढ़ रहा। आज सिर्फ 1 कोरोना मरीज ने दम तोड़ा। सरकार ने Night Curfew लगाया है। तमाम प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद केस हैं कि बढ़ ही रहे हैं।
इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुके होंगे और पहले भी कोरोना ग्रस्त होने के बावजूद कैसे इतने केस सामने आ रहे। कई मंत्री और नौकरशाह फिर से कोरोना का शिकार इस बार भी हुए हैं। विधानसभा चुनावों से जुड़े आयोजनों पर चुनाव आयोग ने भले 15 जनवरी तक पाबंदी लगाई है, लेकिन इससे केसों पर नियंत्रण होता दिख नहीं रहा। जुलूस-रैली होने लगेंगे तो केसों में जबर्दस्त उछाल आना तय है।