कोटा। आपसे अगर मैं पूछूं कि इंसान के खून का रंग कैसा होता है, तो आप कहेंगे लाल, ये भी कोई पूछने वाला सवाल है, क्योंकि खून लाल रंग के अलावा भी किसी रंग का होता है क्या? जी हां होता है, खून सफेद रंग का भी होता है। ये सुनकर आप हैरान हो गए होंगे, लेकिन ये देखकर डॉक्टरों का क्या हाल हुआ होगा ये सोचिए, ये कोई कल्पना या कहानी नहीं है। ये सौ फीसद सच है, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान हो गए हैं।
दरअसल अक्सर बच्चों की मौत के लिए सुर्खियों में रहने वाला कोटा का जेके लोन अस्पताल एक बार फिर चर्चा में बना हुआ है। क्योंकि यहां एक ऐसे बच्चे ने जन्म लिया है, जिसका सच जान यहां के क्या पूरे प्रदेश के डॉक्टर हैरान हैं। क्योंकि अब इस बच्चे की बीमारी का जिक्र ना सिर्फ चिकित्सकों के बीच हो रहा है, बल्कि यह एक रिसर्च बन गया है। अभी तक आपने खून का रंग लाल सुनते और देखते आए हैं, लेकिन इस बच्चे के खून का रंग सफेद है। रेयर डिजीज की वजह से डॉक्टर्स कह रहे हैं कि आखिर यह बच्चा जिंदा कैसे है।

दरअसल, कुछ दिन पहले जेके लोन अस्पताल में यह बच्ची इलाज के लिए आई हुई है। जो कि महज तीन महीने की उम्र का है, माता-पिता ने उसका नाम हिना रखा हुआ है। जब इस बच्ची की बीमारी के बारे में डॉक्टरों को पता चला तो वह शॉक्ड थे। कई का तो कहना था कि हमने पूरी जिंदगी में ऐसा बच्चा क्या कोई इंसान नहीं देखा जिसका खून लाल की जगह सफेद हो। वहीं सीनियर डॉक्टरों का कहना है कि इस हॉस्पिटल में ऐसा यह पहला मामला देखने को मिला है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.सुधीर का कहना है कि मेडिकल भाषा में इस बीमारी को डिसलिपेडेमिया विथ हीमोलाइटिक एनीमिया के नाम से जाना जाता है। करीब लाखों बच्चों में ऐसा मामला सामने आता है। हम इस दुलर्भ केस को अंतरराष्ट्रीय स्तर के जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजेंगे। वहीं उनका कहना है कि इस बच्ची में कोलेस्ट्राल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा भी ज्यादा पाई गई है।