कृषि कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर जारी धरनास्थल पर शुक्रवार को भारी हंगामा जारी है। धरने पर बैठे किसानों को हटाने की मांग कर रहे लोगों ने किसानों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा ले रही है। स्थानीय होने का दावा करने वाले लोगों का समूह स्थल पर विरोध कर रहा है और मांग कर रहा है कि सिंघु बॉर्डर को जल्द खाली कराया जाए।
जानकारी के अनुसार, सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह से ही सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम किए गए हैं। करीब 15 अतिरिक्त कंपनी अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनात हैं। स्थानीय पुलिस के साथ स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर संजय सिंह खुद मौके पर मौजूद हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार ब्रीफिंग कर रहे हैं। दो दिनों से ज्यादातर समय स्पेशल कमिश्नर अलीपुर थाने में ही मौजूद रहते हैं।
इसके साथ ही सिंघु बॉर्डर और आसपास के इलाकों में आज भी इंटरनेट सेवा काम नहीं कर रही है। आसपास के लोग यह आशंका जता रहे हैं कि इलाके में मोबाइल जैमर लगा दिया गया है। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि एहतियातन इंटरनेट जरूर बंद हुआ था, लेकिन इसे खोल दिया गया है।
हालांकि आसपास के करीब तीन किलोमीटर के दायरे के इलाके में इंटरनेट सेवा नहीं चल रही है। धरनास्थल से करीब पांच से छह किलोमीटर दूर आने पर इंटरनेट काम कर रहा है।
दिल्ली में गुरुवार को भी स्थानीय होने का दावा करने वाले लोगों के एक समूह ने मांग की कि किसान सिंघु बॉर्डर पर धरनास्थल को खाली करें क्योंकि उन्होंने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था। लोग विरोध स्थल के पास सड़क पर एकत्र हुए और तिरंगे का अपमान करने के खिलाफ नारेबाजी की।