सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों का साथ देने पहुंचे निहंग जत्थे के साथ-साथ प्रताप सिंह नाम का बाज भी लगातार बैरिकेडिंग पर डटकर विरोध प्रदर्शन में शामिल है। उसके साथ सेल्फी लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
पंजाब के जिला रोपड़ से जत्थे के साथ पहुंचे एक निहंग ने बताया कि बाज पिछले तीन साल से भी अधिक से निहंग सेना के साथ रह रहा है। जब कृषि कानूनों के विरोध में निहंगों ने किसानोंका साथ देने के लिए दिल्ली की ओर कूच किया तो बाज भी उनके साथ निकल पड़ा और पूरे रास्ते उड़ता हुआ दिल्ली पहुंचा।
सुबह से शाम बैरिकेडिंग पर डटकर दे रहा है साथ
सिंघु बॉर्डर से पहले ही पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाने के साथ-साथ ट्रकों को भी खड़ा कर रखा है, जिससे किसानों को रोकने में आसानी हो। ऐसे में निहंग सेना ने बैरिकेडिंग के पास ही अपना आशियाना बना रखा है। प्रताप सिंह भी प्रतिदिन सुबह से शाम तक बैरिकेडिंग के पास बैठा रहता है और निहंग सेना का साथ देता है।
कबड्डी कमेंटेटर जता रहा विरोध
राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी कमेंटेटर के रूप में काम कर चुके अर्श गिल भी किसानों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अपनी गाड़ी के आगे एक प्ले कार्ड लेकर बैठे हैं, जिस पर लिखा है कि ‘मैं किसान नहीं हूं, लेकिन किसानों के साथ हूं।’ उन्होंने कहा कि किसानों की बुरी हालत को देखते हुए उन्होंने पंजाब से दिल्ली का रुख किया और जब तक कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाएगा
तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे।