उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की जनहित याचिका पर हाइकोर्ट में हुई सुनवाई में यूपी के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। कमिश्नर ने कोर्ट को बताया कि 27 करोड़ रुपये के भुगतान करने के आदेश के खिलाफ यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट गई हुई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत कोई आदेश दिया है तो उस आदेश की प्रति दिखाएं वरना 27 करोड़ रुपये का भुगतान करें।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि अभी तक कर्मचारियों का भुगतान क्यों नहीं किया गया। इस पर राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कर्मचारियों की समिति को जो पांच करोड़ रुपये सरकार ने देने हैं, उसमें से एक करोड़ की पहली किस्त के रूप में समिति को दिए जा चुके हैं। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तिथि नियत की है।
सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कर्मचारियों को समय पर वेतन व अन्य भत्ते नहीं दिए जा रहे हैं। याचिका में कहा गया कि उत्तराखंड सरकार यूपी से पुराना बकाया तक नहीं ले पा रही है, जिसके कारण निगम उनको समय पर वेतन नहीं दे रहा है।