देश: रक्षाबंधन सोमवार को मनाया जा रहा है। आज बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। भाई ने भी अपनी बहनों को रक्षा का वचन दिया। साथ ही सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी दिया। यह सिलसिला सुबह शुरू हुआ और देर शाम तक जारी रहा।
उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने कहा कि सुबह 9:28 मिनट तक भद्रा रहेगी। इसके बाद ही बहनें रक्षाबंधन मना सकती हैं। भद्रा खत्म होने के बाद पर्व मनाने का शुभ समय होता है।
रात 9:00 बजे तक राखी बांधने का मुहूर्त है। आचार्य ममगाईं ने कहा कि उस शुभ दिन में उपाकर्म भी होता है। ब्राह्मण पूजा-अर्चना कर नया जनेऊ धारण करते हैं। इससे आत्मशुद्धि एवं पितृ मोक्ष मिलता है।
ऐसे सजाएं राखी की थाली
आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार, राखी की थाली में रेशम वस्त्र, केसर, सरसों, चावल, चंदन, कलावा रखकर भगवान की पूजा करें। इसके बाद राखी को भगवान शिव की प्रतिमा पर अर्पित करें। भगवान को अर्पित की राखी को भाइयों की कलाई में बांधें। मान्यता है कि इस राखी को भगवान पर अर्पित करने से भगवान इसमें अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं, जिससे राखी भाई की रक्षा करती है।
बाजार में रही रौनक
रविवार को रक्षाबंधन को लेकर बाजार में रौनक नजर आई। राखियों की दुकान में बहनें भाइयों के लिए राखी लेती रही। रात तक बाजार में चहल-पहल रही। मिठाई की दुकानों पर भी खासी भीड़ रही। महिलाओं ने तरह-तरह की मिठाई भी खरीदी।
सीएम ने दी रक्षाबंधन व संस्कृत दिवस की बधाई
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध, सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े इस पर्व का ऐतिहासिक महत्व है। रक्षा बंधन का पर्व महिलाओं के सम्मान से जुड़ा पर्व भी है।
उन्होंने सभी से कोरोना के दृष्टिगत आवश्यक सावधानियां बरतते हुए रक्षा बंधन त्योहार मनाने की अपील की।