उत्तराखण्ड:कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कांग्रेस के बागी नेताओं की सशर्त माफी का राग छेड़कर सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान कांग्रेस के नौ विधायकों ने बगावत कर भाजपा का दामन थाम लिया था।

2016 के इस मामले में प्रदेश में इस सियासी घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति शासन भी लगा था। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, हरक सिंह, सुबोध उनियाल सहित नौ विधायक इसमें शामिल थे। अब रावत ने कहा है कि ये नेता अगर जनता से और कांग्रेस से माफी मांग लें तो इनकी घर वापसी हो सकती है।
रावत के इस बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। खुद कांग्रेस के पार्टी पदाधिकारी इसके निहितार्थ खोजने में जुटे हैं। इनका कहना है कि किसी की घर वापसी का फैसला नीतिगत है और यह पार्टी हाईकमान ही तय कर सकता है।
फिर, नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित उस समय के दौर से जूझने वाले नेताओं की राय भी लेनी जरूरी होगी। कांग्रेस का एक धड़ा इन नेताओं को माफ करने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है। हरीश रावत का यह बयान एक टीवी चैनल मेें बातचीत के दौरान सामने आया और अब सोशल मीडिया में तैर रहा है।