उत्तराखण्ड:लद्दाख में शहीद हुए देव बहादुर का पार्थिव शरीर बुधवार की सुबह सेना के वाहन से उत्तराखंड पहुंचाया गया। इस दौरान युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

युवाओं में चीन और पाकिस्तान के खिलाफ खासा गुस्सा दिखाई दिया। जैसे ही शहीद देव बहादुर का शव उनके घर पहुंचा। उनके परिवारजन अपने आंसू रोक न सकें। यह मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
बाइक पर सवार युवा तिरंगे के साथ जब तक सूरज चांद रहेगा, देव तेरा नाम रहेगा, दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए आदि नारों के साथ आगे आगे चल रहे थे।
सड़क के दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें थीं। महिलाएं छतों से पार्थिव शरीर देखने के लिए खड़ी थीं। विधायक राजेश शुक्ला शव के साथ चल रहे थे।
यहां से शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव गौरीकला पहुंचा, जिसके बाद प्राथमिक स्कूल में अंतिम दर्शन के लिए शहीद की पार्थिव देह रखी गई।
इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय और देव तुम अमर रहो के नारों के साथ शहीद वीर को श्रद्धांजलि दी। प्राथमिक स्कूल में राज्यपाल की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया गया।
जिसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। कनकपुर और राघवनगर के मध्य बने श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद देव बहादुर का अंतिम संस्कार किया गया।