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पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में ‘हत्‍या’ पूरी खबर….

Editor:Anamika mishra

चेन्‍नई: तमिलनाडु के तूतीकोरिन में दो लोगों की हिरासत में मौत के मामले में चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है. कोरोना लॉकडाउन के बीच अपनी दुकान को तय समय से 15 मिनट देर तक खुला रखने पर एक पिता और पुत्र को कथित तौर पर पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया. मामले में तमिलनाडु के CID (आपराधिक जांच विभाग) की अपराध शाखा ने इंस्पेक्टर श्रीधर, सब इंस्पेक्टर रघु गणेश व बालाकृष्णन और कांस्टेबल मुरुगन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है. पुलिस महानिरीक्षक (CB-CID) ने एनडीटीवी को बताया, “FIR को आईपीसी की धारा 302 में तब्‍दील किया गया है. आईजी और एसपी (CB-CID) के तहत काम कर रहीं 12 विशेष टीमें सभी कोणों की जांच कर रही हैं.”

सीबीआई-सीआईडी ​​ने दोनों FIR को संशोधित किया है. गौरतलब है कि पुलिस ने पहले केवल संदिग्ध मौतों के मामले दर्ज किए थे. मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ, जिसने घटना की खुद जांच की, ने (CB-CID) ​​को तूतिकोरिन पुलिस से जब तक केस सीबीआई को नहीं सौंप दिया जाता, इस मामले को संभालने के लिए कहा था. मंगलवार को अदालत ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तीन पुलिसकर्मियों को हत्या के साथ कथित तौर पर मौत के मामले में आरोपित करने के आधार हैं. अदालत को यह भी बताया गया कि दोनों व्‍यक्तियों को गिरफ्तार करने और कथित तौर पर प्रताडि़त करने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज 19 जून को सथानकुलम पुलिस स्टेशन में हुई इस घटना पर प्रकाश डाल सकते थे लेकिन उन्‍हें हटा दिया गया.

न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उनकी जांच में बाधा डालने का प्रयास करने का आरोप लगाने के बाद अदालत ने और एक डीएसपी और एडीशनल डीएसपी और सहित तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्रवाई शुरू की. हालांकि एक अहम गवाह, एक हेड कांस्टेबल ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गवाही दी. गवाह या गवाह के परिवार को डराए जाने की आशंका के मद्देनजर अदालत ने पुलिस को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा है.इस मामले को लेकर देशभर में आक्रोश है. इस सप्ताह के शुरू में मुख्यमंत्री पलानीस्वामी द्वारा मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था.

59 वर्षीय जयराज और 31 वर्षीय उनके पुत्र बेनीक्स को 19 जून को लॉकडाउन के दौरान अपने मोबाइल फोन की दुकान को तय समय से अधिक समय तक खुला रखने के कारण गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने लड़ाई की, गालियां दी, पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया और गिरफ्तारी का विरोध किया. परिवार ने आरोप लगाया है कि दोनों लोगों को पुलिस के हिरासत में बर्बरतापूर्ण यातना दी गई थी. उनके शरीर पर कई घाव थे. मलाशय से खून बह रह था. कई आंतरिक घाव भी थे. 22 जून को सुबह 7.45 बजे बेनीक्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उनकी मृत्यु हो गई. उनके पिता को उसी रात लगभग 10.30 बजे भर्ती कराया गया था और अगले दिन सुबह 5.40 बजे उनका निधन हो गया था.

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